क्या आपके घर में भी है बेटी? सरकार दे रही है ₹1.5 लाख — नहीं उठाया कदम तो हाथ से निकल सकता है ये सुनहरा मौका!

लाडो प्रोत्साहन योजना: जन्म से ग्रेजुएशन तक बेटियों के भविष्य पर राजस्थान सरकार की सबसे बड़ी सौगात

नई दिल्ली/जयपुर।अगर आपके घर में बेटी है और आप उसकी पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी राहत से कम नहीं। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी योजना शुरू की है, जिसने हर माता-पिता का ध्यान खींच लिया है। नाम है ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’, जिसके तहत सरकार अब हर बेटी को पूरे ₹1,50,000 की आर्थिक सहायता दे रही है।

पहले जहां राजश्री योजना के तहत सीमित मदद मिलती थी, वहीं अब इस नई योजना ने बेटियों के भविष्य की तस्वीर ही बदल दी है।

क्यों खास है लाडो प्रोत्साहन योजना?

इस योजना का असली मकसद सिर्फ पैसे देना नहीं, बल्कि

  • बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना,

  • बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाना,

  • और यह सुनिश्चित करना कि पैसों की कमी की वजह से किसी भी लड़की की पढ़ाई न छूटे

सरकार साफ संदेश दे रही है—बेटी बोझ नहीं, भविष्य है।

कब-कब और कैसे मिलेगा पैसा? जानिए पूरी टाइमलाइन

सरकार ने इस राशि को 7 आसान किस्तों में बांटा है, ताकि हर पढ़ाई के पड़ाव पर मदद मिलती रहे:

  •  जन्म के समय – ₹5,000

  •  1 साल की उम्र और टीकाकरण पर – ₹5,000

  •  पहली कक्षा में दाखिले पर – ₹10,000

  • छठी कक्षा में प्रवेश पर – ₹15,000

  •  दसवीं की पढ़ाई के लिए – ₹20,000

  •  बारहवीं में एडमिशन पर – ₹25,000

  •  ग्रेजुएशन पूरी होने और 21 साल की उम्र पर – ₹70,000 (सबसे बड़ी किस्त)

 कुल मिलाकर: ₹1,50,000 सीधे बेटी के खाते में

आवेदन कैसे करें? ये गलती की तो अटक सकता है पैसा

अगर आप इस योजना का लाभ चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:

  • बच्ची का जन्म सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त केंद्र में होना चाहिए

  • अस्पताल से ही डेटा PCTS पोर्टल पर फीड किया जाता है

  • माता-पिता को sso.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा

  • जरूरी दस्तावेज:

    • माता-पिता का आधार कार्ड

    • बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र

    • मूल निवास प्रमाण पत्र

    • जन आधार कार्ड

राजश्री से लाडो प्रोत्साहन तक: क्या बदला?

पहले राजश्री योजना में बेटियों को सिर्फ ₹50,000 मिलते थे।
अब भजनलाल सरकार ने राशि को सीधे 3 गुना बढ़ाकर ₹1.5 लाख कर दिया है।

सबसे बड़ी बात—यह रकम DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए सीधे बेटी के बैंक खाते में जाती है, जिससे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो जाती है।

एक फैसला जो बेटी का भविष्य बदल सकता है

यह योजना सिर्फ सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि हर बेटी के सपनों को उड़ान देने का मौका है।
अगर आपके घर में भी बेटी है, तो आज ही जानकारी लें—क्योंकि मौका चूक गया, तो पछताना पड़ सकता है।

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