Delhi blast: एक नहीं — तीन तरह से आतंकी हमले की साजिश का खुलासा…राइसिन से बड़े हत्याकांड की योजना…गुजरात-काश्मीर तक तार…जानें आप भी..
दिल्ली ब्लास्ट के साथ जुड़े गिरफ्तारियों ने उजागर किया—लखनऊ, अहमदाबाद और दिल्ली में एक साथ रासायनिक कांड रचने की साजिश; NIA‑ATS‑स्पेशल सेल की संयुक्त जांच तेज

नई दिल्ली/गुजरात। लाल किले के पास हुए भयावह ब्लास्ट ने अब सिर्फ एक ताबड़तोड़ विस्फोट नहीं बल्कि संगठित, बहु-प्रविधिक आतंकी साजिश का चेहरा दिखा दिया है। शुरुआती जांच और गिरफ्तारियों से सामने आया है कि धमाका एक अकेला हादसा नहीं था — नेटवर्क का इरादा तीन बड़े शहरों में राइसिन (Ricin) जैसे घातक ज़हर का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने का था।
Delhi blast:क्या मिला — जवान सुराग और चौंकाने वाले आरोप
गुजरात एटीएस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जिनमें से डॉ. सैयद अहमद सबसे प्रमुख आरोपी बताया जा रहा है। उसके पास से तीन पिस्तौल, राइसिन बनाने के रासायनिक सामान, अरंडी का तेल और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए।
गिरफ्तार आतंकी पर आरोप हैं कि वे ISKP (Islamic State Khorasan Province) के पाकिस्तानी हैंडलर से संचार में थे और ड्रोन के ज़रिए हथियार भी मंगवाए गए।
पूछताछ में बताया गया कि प्लान तीन शहरों में था — अहमदाबाद (बाजार/धार्मिक स्थल), लखनऊ (RSS कार्यालय) और दिल्ली (आज़ादपुर मंडी/भीड़भाड़ वाले इलाके) — जहाँ ज़हरीला पदार्थ फैलाकर बड़े पैमाने पर हताहत करना था।
इस गिरफ़्तारी का संबंध फरीदाबाद में बरामद 2,900 किलो विस्फोटक, जम्मू‑कश्मीर में पकड़े गए संदिग्ध और अन्य मामलों से जोड़ा जा रहा है — इससे नेटवर्क का दायरा गुजरात से कश्मीर तक फैलता दिखता है।
Delhi blast:राइसिन — बम से भी खतरनाक हथियार
राइसिन अरंडी के बीजों से बनने वाला बेहद घातक जैविक ज़हर है। आमतौर पर कुछ मिलीग्राम भी जानलेवा होते हैं—इसे पानी या खाने में मिलाने पर व्यापक जनधन हानि हो सकती थी। अधिकारियों के अनुसार, अगर यह योजना सफल हो जाती तो परिणाम रासायनिक हमला/बायो-हैरासमेंट जैसे होते, जिनमें हजारों लोग प्रभावित हो सकते थे।
Delhi blast:हथियार, एन्क्रिप्टेड चैट और पाकिस्तानी कनेक्शन
गिरफ्तारियों के वक्त संदिग्धों के पास से मिली वस्तुएं — ग्लॉक सेमी‑ऑटोमैटिक पिस्टल, बेरेटा, अरंडी का तेल — और उनके फोन/लैपटॉप से कई एन्क्रिप्टेड टेलीग्राम चैट्स मिले, जिनमें पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ संवाद के संकेत मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे हथियार‑आदान‑प्रदान और रासायनिक तैयारी के लिए गुजरात पहुंचे थे।
Delhi blast:जांच और जवाबी कार्रवाई — एजेंसियों की पैंतरेबाज़ी
NIA, IB, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और गुजरात एटीएस की संयुक्त टीमें मामले की गहनता से जांच कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने देश भर में हाई‑अलर्ट जारी कर दिया है; बड़े शहरों में संवेदनशील संस्थाओं और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
प्रारंभिक संकेत यही दिखाते हैं कि यह साजिश पाकिस्तान समर्थित मॉड्यूल्स के हिस्से की हो सकती है — पर जांच अभी और गहराई में जा रही है ताकि नेटवर्क का पूरा नक्शा सामने आ सके।
Delhi blast:क्या अब खतरा टला?
गिरफ्तारियों और बरामदियों ने तात्कालिक खतरे को कुछ हद तक कम किया है, पर जांच में यदि और हाथ लगे—तो यह खुल सकता है कि कितने और सक्रिय कनेक्टेड लोग, बाक़ी सामग्री या शिपमेंट अभी भी बाहर हैं। इसलिए सभी एजेंसियां सावधान और सक्रिय हैं।









