“पापा और बुआ ने मम्मी को मारा!” – 4 साल के मासूम के बयान ने पुलिस को हिला दिया, अंतिम संस्कार रुका

मोनिका की दर्दनाक मौत, परिवार में छाया रहस्य

प्रतापगढ़ की 25 वर्षीय मोनिका उर्फ रोली दुबे का जीवन सिर्फ 25 साल में ही कट गया। पाँच साल की शादी, चार साल का बेटा और सपनों से भरा घर – ये सब मोनिका की जिंदगी की हकीकत थी। लेकिन घर के भीतर चल रहे विवाद और प्रताड़ना ने उसकी जिंदगी छीन ली।

बुधवार दोपहर मोनिका ने जहरीला पदार्थ खा लिया और दम तोड़ दिया। घटना ने उसके मायके और पुलिस दोनों को झकझोर कर रख दिया।

ससुराल में विवाद और प्रताड़ना

मायके पक्ष का आरोप है कि मोनिका की जिंदगी पति शिवम दुबे और ससुराल वालों की प्रताड़ना में बीत रही थी। शिवम बेंगलुरु में नौकरी करते हुए बच्चे की फीस और घर का खर्च नहीं देते थे। लगातार पैसों को लेकर झगड़े और तनाव मोनिका को मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे।

मासूम बच्चे के सामने घर में हिंसा की स्थिति बन गई। मंगलवार की रात विवाद हुआ, समझाने के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन बुधवार सुबह माहौल फिर बिगड़ गया।

मासूम बेटे ने सुनाई हकीकत

मोनिका ने सुबह चोरी-छुपे वीडियो कॉल से भाभी को घर के विवाद की जानकारी दी। आरोप है कि ननद ने पहले मोनिका को धक्का दिया, इसके बाद पति, सास और ननद ने मिलकर मारपीट की।

सुबह 10 बजे मारपीट हुई और दोपहर 12 बजे तनाव में मोनिका ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत के बावजूद ससुराल पक्ष उसे तुरंत अस्पताल नहीं ले गया। शाम 4 बजे जब अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

गुरुवार सुबह जब मायके वाले अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे, तो चार साल के बेटे ओम ने पुलिस को बताया:
“पापा और बुआ ने मिलकर मम्मी को बहुत मारा। लड़ाई के दौरान मैंने फोटो भी खींची थी।”

मासूम के बयान के बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस कार्रवाई और जांच

मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने पति शिवम दुबे, सास और ननद के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बच्चे के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना घर के भीतर चल रही हिंसा और प्रताड़ना की भयावह सच्चाई को उजागर करती है।

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