CRIME: बस आवाज कम करने को कहा था… और फिर घर बना कत्लगाह..पत्नी ने चाकुओं से गोदकर ली पति की जान…

मामूली बहस से खून की होली तक… एक पल का गुस्सा बना मौत की वजह
आंध्र प्रदेश से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। एक खुशहाल दिखने वाले घर में सिर्फ टीवी की आवाज कम करने की बात पर शुरू हुई बहस कुछ ही मिनटों में खूनी अंजाम तक पहुंच गई।
मामला आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के मंगलागिरी स्थित टिडको आवास कॉलोनी का है। यहां 27 वर्षीय शेख अहमद, जो पेशे से एसी मैकेनिक था, अपनी पत्नी के साथ रहता था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि घर की चारदीवारी के भीतर इतनी खौफनाक कहानी लिखी जाने वाली है।
CRIME: बहस से बेकाबू गुस्सा… और फिर ताबड़तोड़ वार
घटना वाले दिन अहमद ने अपनी पत्नी से सिर्फ इतना कहा कि टीवी की आवाज थोड़ी कम कर दें। मामूली सी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। लेकिन देखते ही देखते गुस्सा इतना बढ़ गया कि पत्नी ने अपना आपा खो दिया।
आरोप है कि उसने घर में रखे चाकू से अहमद पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वार इतने गहरे थे कि पूरा घर खून से लाल हो गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और अहमद को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया।
CRIME: अस्पताल में जिंदगी की जंग हारी
घायल अहमद को तुरंत विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन शरीर पर लगी गहरी चोटों के कारण उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी पत्नी को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
CRIME: पड़ोसी राज्य में भी रिश्तों का खूनी अंत
ऐसी ही एक और चौंकाने वाली वारदात पड़ोसी राज्य तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से सामने आई। यहां ग्रीन सिटी कॉलोनी में एक व्यक्ति ने अपनी पूर्व पत्नी की हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि महिला ने तलाक के बाद दूसरी शादी कर ली थी, जिससे आरोपी नाराज और गुस्से में था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या रिश्तों में खत्म हो रही है सहनशीलता?
दो अलग-अलग राज्यों में हुई इन वारदातों ने समाज को झकझोर दिया है। मामूली बातों से शुरू हुआ विवाद कैसे जानलेवा बन जा रहा है, यह गंभीर चिंता का विषय है।
एक छोटी सी आवाज… एक पल का गुस्सा… और जिंदगी हमेशा के लिए खत्म।
अब सवाल यही है — क्या रिश्तों में धैर्य और समझदारी की जगह गुस्से ने ले ली है?









