रांची: पार्टी से गद्दारी करने वाले सात नेताओं को कांग्रेस ने किया पार्टी से बाहर, तीन साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित
झारखंड प्रदेश कांग्रेस समिति ने अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए सात नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया है। सभी नेताओं को तीन वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। इन पर सोशल मीडिया के जरिए पार्टी विरोधी गतिविधियों और चुनाव में विरोधी उम्मीदवार का समर्थन करने के आरोप साबित हुए हैं

रांची। झारखंड में कांग्रेस पार्टी ने अनुशासनहीनता के मामले में एक्शन लिया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस समिति की अनुशासन समिति ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए सात नेताओं को तीन वर्षों के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह निर्णय समिति के चेयरमैन डॉ. रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में लिया गया। जारी आदेश के अनुसार गिरिडीह जिले के महशर इमाम और सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप सामने आए थे।
कारण बताओ नोटिस के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं महशर इमाम और सच्चिदानंद सिंह को पहले 13 जनवरी 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में उन्होंने 18 जनवरी को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन समिति ने उसे असंतोषजनक पाया। इसके बाद उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
नगर निकाय चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियां
वहीं सिमडेगा जिले के नमिता बा, आकाश सिंह, दिलीप तिर्की, शिशिर मिंज और पतरस एक्का पर आरोप था कि उन्होंने नगर निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ काम किया।समिति द्वारा उनके स्पष्टीकरण और जिला अध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि इन नेताओं ने पार्टी अनुशासन का उल्लंघन किया है और संगठन के निर्देशों की अनदेखी की है।
कांग्रेस संविधान के तहत कार्रवाई
अनुशासन समिति ने इन सभी मामलों को गंभीर मानते हुए कांग्रेस संविधान के अनुशासनात्मक नियमों की धारा 04 (क), (ख) और (ड़) का उल्लंघन माना है। इसके आधार पर सभी सात नेताओं को तत्काल प्रभाव से तीन वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है।
संगठन में अनुशासन बनाए रखने का संदेश
कांग्रेस की इस कार्रवाई को संगठन में अनुशासन बनाए रखने के कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस संगठन को मजबूत और अनुशासित बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं, ताकि पार्टी के भीतर एकजुटता बनी रहे।सूत्रों के अनुसार, यदि भविष्य में भी किसी कार्यकर्ता या नेता द्वारा पार्टी लाइन से हटकर गतिविधियां की जाती हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।









