Chaibasa Pride: पैरा आर्चर Vijay Sundi का इंटरनेशनल डेब्यू, वर्ल्ड सीरीज में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
Chaibasa Pride: Para Archer Vijay Sundi Makes International Debut; Achamiririra India muWorld Series

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। यहां के उभरते पैरा तीरंदाज Vijay Sundi का चयन वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। यह पहला मौका है जब विजय अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बैंकॉक में 29 मार्च से शुरू होगा महासंग्राम
थाईलैंड की राजधानी Bangkok में 29 मार्च से 5 अप्रैल तक इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
विजय सुंडी रिकर्व कैटेगरी में देश के लिए चुनौती पेश करेंगे। भारतीय टीम 28 मार्च को नई दिल्ली से बैंकॉक के लिए रवाना हो चुकी है। दुनिया भर के शीर्ष पैरा आर्चर इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले हैं, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
विजय की कहानी मेहनत और जिद की मिसाल है।
- साल 2016 में तीरंदाजी की शुरुआत
- सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार अभ्यास
- हर चुनौती का डटकर सामना
इन सभी संघर्षों के बीच उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी नजर नहीं हटाई और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में सफल हुए।
रिकॉर्ड में दम, उपलब्धियों की लंबी सूची
विजय सुंडी का खेल रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है।
- चार बार के पैरा नेशनल चैंपियन
- हर बार स्वर्ण पदक अपने नाम
- खेलो इंडिया पैरा नेशनल गेम्स में भी गोल्ड मेडल
उनकी निरंतर सफलता ने उन्हें देश के टॉप पैरा आर्चर्स में शामिल कर दिया है।
आधुनिक उपकरण से मिला नया आत्मविश्वास
विजय के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव साल 2022 के बाद आया, जब उन्हें आधुनिक रिकर्व धनुष उपलब्ध कराया गया।
बेहतर उपकरण मिलने के बाद उनकी तकनीक और सटीकता में काफी सुधार हुआ, जिसका असर उनके प्रदर्शन में साफ नजर आया।
कोच की निगरानी में सख्त ट्रेनिंग
वर्तमान में विजय राष्ट्रीय कोच Mahendra Sinku के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहे हैं। उनकी कड़ी ट्रेनिंग और अनुशासन को देखते हुए खेल विशेषज्ञों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
पूरे जिले में जश्न का माहौल
विजय के चयन की खबर मिलते ही चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
स्थानीय प्रशासन और खेल जगत से जुड़े कई लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अब लक्ष्य पदक पर
अब सभी की नजर बैंकॉक में होने वाले मुकाबलों पर टिकी है। विजय सुंडी के पास खुद को वैश्विक मंच पर साबित करने का सुनहरा अवसर है।









