BREAKING: डिजिटल जाल पर कड़ा वार: 7 हजार सट्टेबाजी वेबसाइट एक झटके में गायब, सरकार का बड़ा एक्शन

24 घंटे में पहचान और ब्लॉक का आदेश, अवैध ऑनलाइन बेटिंग के नेटवर्क पर कसी शिकंजा
Nepal:नेपाल में तेजी से फैल रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी के काले कारोबार पर सरकार ने बड़ा डिजिटल हमला बोला है। एक सख्त अभियान के तहत 7 हजार से ज्यादा सट्टेबाजी से जुड़ी वेबसाइट और ऐप्स को बंद कर दिया गया है, जिससे इस अवैध नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई Nepal Telecommunications Authority द्वारा इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर की गई है। तकनीकी निगरानी के जरिए संदिग्ध यूआरएल और ऐप्स की पहचान कर उन्हें पूरी तरह ब्लॉक किया गया।
सरकार के 100 बिंदुओं वाले ‘शासकीय सुधार’ एजेंडा के तहत इस कदम को लागू किया गया, जिसमें स्पष्ट निर्देश था कि सट्टेबाजी से जुड़े सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म की पहचान कर 24 घंटे के भीतर उन्हें बंद किया जाए। इसी निर्देश के बाद प्राधिकरण ने अपने सिस्टम को हाई अलर्ट पर डालते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, बीते एक सप्ताह में ईमेल, फोन और मैसेज के जरिए 50 से ज्यादा शिकायतें मिली थीं, जिनमें ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते नेटवर्क की जानकारी दी गई थी। इन शिकायतों के आधार पर जांच तेज की गई और अवैध प्लेटफॉर्म्स पर सीधा प्रहार किया गया।
नेपाल के कानून के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी को गंभीर अपराध माना जाता है। अपराध संहिता की धारा 125 (4) के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर न सिर्फ पूरी रकम जब्त की जाती है, बल्कि एक साल तक की जेल और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, विज्ञापन से जुड़े कानूनों के तहत जुआ या सट्टेबाजी को बढ़ावा देने वाले प्रचार पर भी पूरी तरह प्रतिबंध है।
सरकार ने आम लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि वे ऐसे किसी भी ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल न करें। अगर कोई व्यक्ति इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बड़े डिजिटल एक्शन के बाद सवाल यह है कि क्या यह कदम लंबे समय तक ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क को रोक पाएगा, या फिर ये अवैध प्लेटफॉर्म नए रूप में फिर सामने आएंगे।









