ब्रेकिंग: रामनवमी जुलूस पर अचानक बरसे पत्थर… फिर भड़की आग! कुछ ही मिनटों में दहशत का मंजर
जुलूस के बीच हिंसा, पथराव और आगजनी से मचा हड़कंप… पुलिस ने हालात काबू में कर शुरू किया सर्च ऑपरेशन

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी के जुलूस के दौरान अचानक हालात ऐसे बिगड़े कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई। शुक्रवार को रघुनाथगंज थाना क्षेत्र के फुलतला मोड़ और आसपास के इलाकों में जब जुलूस निकाला जा रहा था, तभी अचानक पथराव शुरू हो गया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और विरोध के बीच हंगामा भड़क उठा। कुछ ही देर में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जुलूस जैसे ही एक खास इलाके से गुजर रहा था, तभी अचानक पत्थर फेंके जाने लगे। शुरुआत में लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा है, लेकिन कुछ ही क्षणों में स्थिति बेकाबू हो गई। पथराव के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और देखते ही देखते आगजनी की घटनाएं सामने आने लगीं। कई दुकानों, वाहनों और आसपास के इलाकों को नुकसान पहुंचा, जबकि कई लोग घायल भी हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दंगा-रोधी बल के जवान मौके पर पहुंचे। हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और लगातार गश्त की जा रही है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो।
मुर्शिदाबाद रेंज के DIG अजीत सिंह यादव ने मौके का दौरा कर हालात का जायजा लिया और इलाके में फ्लैग मार्च भी किया। उन्होंने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और हिंसा में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पथराव और आगजनी में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कार्रवाई जारी है। वहीं, नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंची हैं, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता दी जा सके। आसपास के गांवों में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे हिंसा फैलने की किसी भी संभावना को रोका जा सके।
प्रशासन ने अब शांति समिति की बैठकों के जरिए दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और हालात पर प्रशासन की कड़ी नजर है।









