Bone Cancer Alert! शरीर में दिखें ये 7 डरावने संकेत तो समझिए खतरे की घंटी, देर की तो बढ़ सकती है जान का जोखिम

हेल्थ डेस्क। हड्डियों का कैंसर (Bone Cancer) एक गंभीर लेकिन शुरुआती स्टेज में पकड़ा जाए तो इलाज योग्य बीमारी है। समस्या यह है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य दर्द या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यही लापरवाही आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकती है।
मैक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ और ऑन्कोसर्जन डॉ. विवेक वर्मा ने हाल ही में एक यूट्यूब वीडियो के जरिए हड्डियों के कैंसर के ऐसे खतरनाक संकेत बताए हैं, जिन्हें बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
हड्डियों के कैंसर के 7 खतरनाक वॉर्निंग साइन
1. हड्डी या मांसपेशियों में सूजन या गांठ
अगर शरीर के किसी हिस्से में हड्डी पर सूजन या मांस में गांठ बन रही है और वह धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो यह कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
2. लगातार बना रहने वाला हड्डियों का दर्द
यह सामान्य दर्द नहीं होता। दवा लेने से कुछ देर आराम मिलता है, लेकिन दवा बंद करते ही दर्द वापस लौट आता है। आराम करते समय या रात में भी दर्द बना रहना खतरे की निशानी है।
3. बिना बड़ी चोट के हड्डी का टूट जाना
अगर मामूली गिरने या बिना किसी खास चोट के हड्डी टूट जाए, तो यह पैथोलॉजिकल फ्रैक्चर हो सकता है, जो हड्डी के कैंसर से जुड़ा गंभीर संकेत है।
4. हड्डियों में अकड़न और मूवमेंट की कमी
कैंसर प्रभावित हड्डी में जकड़न आ जाती है, जिससे चलने-फिरने या हाथ-पैर मोड़ने में परेशानी होने लगती है।
5. अचानक वजन कम होना और लगातार थकान
बिना किसी कारण तेजी से वजन कम होना और हर समय थकान महसूस होना शरीर में गंभीर बीमारी का इशारा हो सकता है।
6. बुखार और ठंडे पसीने
खासतौर पर Ewing’s Sarcoma जैसे मामलों में हड्डी के दर्द के साथ बुखार और ठंडे पसीने आना बेहद खतरनाक संकेत माना जाता है।
7. सुन्नपन या झनझनाहट महसूस होना
कैंसर प्रभावित हिस्से को छूने पर अगर सुन्नपन या झनझनाहट महसूस हो, तो यह नसों पर दबाव का संकेत हो सकता है।
हड्डियों के कैंसर की जांच कैसे होती है?
डॉ. विवेक वर्मा के अनुसार,
एक्स-रे से शुरुआती बदलावों का पता चलता है
MRI, PET Scan और बोन स्कैन से बीमारी की पुष्टि होती है
बायोप्सी से कैंसर के प्रकार का पता लगाया जाता है
कुछ मामलों में ब्लड टेस्ट भी सहायक होता है
डॉक्टरों की चेतावनी
अगर ऊपर बताए गए लक्षणों में से एक भी लंबे समय से बना हुआ है, तो खुद इलाज करने या दर्द को सहने की गलती न करें। तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि समय रहते इलाज शुरू होने से जान बचाई जा सकती है।



















