जितिया के दौरान बड़ा हादसा, 37बच्चों समेत 50 लोगों की चली गयी जान, खुशी का पल बदला मातम में

Jitiya vart 2024: पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु के लिए रखा जाने वाला व्रत संपन्न हो गया। इस दौरान अलग-हादसे में 50 लोगों की मौत हो गयी। जानकारी के मुताबिक जितिया पर्व को लेकर गंगा नदी में स्नान करने गए लोगों में बिहार में 50 से ज्यादा लोग डूब गए, जिसमें से 37 बच्चे हैं। औरंगाबाद जिले के अलग-अलग जगहों में तालाब में नहाने के दौरान 8 की मौत हो गई, जिसमें दो महिलाएं और 6 बच्ची शामिल हैं।

कैमूर जिले में 5 लोगों की मौत हो गयी। सभी लोग जिउतिया पर्व पर पूजा से पहले तालाब में नहाने गए थे। वहीं सारण जिले में भी अपनी मां व अन्य परिजनों के साथ स्नान करने गए पांच बच्चों की डूबने से मौत हो गई। वहीं कैमूर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जितिया पर्व पर स्नान के दौरान नदी व तालाब में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। रामगढ़ और दुर्गावती थाना क्षेत्र के अलावे मोहनिया थाना क्षेत्र के ग्राम दादर और भभुआ प्रखंड के रूपपुर गांव में घटना घटी।

मोतिहारी में पांच लोगों की डूबने से मौत हो गयी, वहीं रोहतास जिले के डिहरी पाली पुल के पास सोन नदी में स्नान करने के दौरान एक बच्चे की जान चली गयी। मोतिहारी जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बृन्दावन परसौनी में मां और बेटी सहित दो अन्य बच्चों की डूबने से जान चली गयी। जबकि कल्याणपुर थाना क्षेत्र में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई।

पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के अमनाबाद हलकोरिया चक गांव के सोन नदी के घाट पर जितिया पर्व पर सोन नदी में नहाने गयी मां के साथ 14 वर्षीय बच्ची की डूबकर मौत हो गयी। जबकि पास में नहा रही गांव के ही एक महिला व दो युवतियां उसे बचाने के लिए नदी के तेज धारा में छलांग लगा दीं. लेकिन तेज धारा होने के कारण बच्ची में समेत चारों लोग डूब गये।

राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 43 लोगों शव निकाले गए हैं।बच्चों की सलामती के लिए महिलाएं ये व्रत रखती हैं और इस हादसे में 37 बच्चों की ही मौत हुई, जो कि उन माताओं के लिए सर्वाधिक दर्दनाक रहा।सूबे के अलग-अलग जिलों में 37 बच्चों और 6 मां की नदी-पोखर में नहाने के दौरान डूबने से मौत है।मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि के रूप में चार लाख की राशि प्रदान की जाएगी जो राज्य सरकार द्वारा ऐसे मामलों में मुआवजा के लिए स्वीकृत है। जितिया उत्सव इस हादसे के चलते मातम में बदल चुका है।

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