झारखंड : नगर निगम में बड़ा उलटफेर? डिप्टी मेयर चुनाव में आदिवासी पार्षदों का दबदबा, पर्दे के पीछे शुरू हुआ ‘नंबर गेम

A major upset in the municipal corporation? Tribal councillors dominate the deputy mayoral election, a behind-the-scenes "numbers game" has begun.

Ranchi Nagar Nigam के हालिया नगर निकाय चुनाव परिणामों ने शहर की सियासत का समीकरण बदल दिया है। इस बार नगर निगम में आदिवासी प्रतिनिधित्व मजबूत होकर उभरा है। कुल 53 वार्डों वाले सदन में 20 आदिवासी पार्षद जीतकर पहुंचे हैं, जिससे नगर निगम की राजनीति में उनकी भूमिका काफी अहम हो गई है।

इनमें से 11 सीटें पहले से आरक्षित थीं, लेकिन असली राजनीतिक संदेश उन 9 अनारक्षित सीटों से मिला है, जहां आदिवासी उम्मीदवारों ने सीधे मुकाबले में जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। इससे यह साफ संकेत मिला है कि इस चुनाव में सामाजिक गोलबंदी और मतदाताओं की रणनीतिक वोटिंग का बड़ा असर रहा।

अनारक्षित सीटों पर जीत दर्ज करने वालों में वार्ड 3 से बसंती लकड़ा, वार्ड 4 से अमित मुंडा, वार्ड 6 से मोनिका लकड़ा, वार्ड 8 से किरण खरखो, वार्ड 24 से विजय कच्छप, वार्ड 33 से पुष्पा टोप्पो, वार्ड 34 से अजीत भगत, वार्ड 48 से अमित मिंज और वार्ड 50 से सुनीता तिर्की शामिल हैं। इन जीतों ने चुनावी समीकरण को नया मोड़ दे दिया है।

वहीं, महापौर पद पर Roshni Khalkho की जीत ने इस राजनीतिक उभार को और मजबूती दी है। वे राज्य गठन के बाद तीसरी आदिवासी महिला महापौर बनी हैं। इससे पहले Rama Khalkho और Asha Lakra इस पद पर रह चुकी हैं।

अब सबकी नजर डिप्टी मेयर के चुनाव पर टिकी है। डिप्टी मेयर बनने के लिए कम से कम 27 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा। ऐसे में 20 आदिवासी पार्षदों की संख्या उन्हें “किंगमेकर” की भूमिका में ला रही है।

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