झारखंड में बालू संकट पर बड़ी राहत…रांची समेत 3 जिलों के 6 घाटों से शुरू होगा उठाव…मॉनसून से पहले स्टॉक बढ़ाने का आदेश

Major Relief Amidst Sand Crisis in Jharkhand: Lifting to Begin from 6 Ghats Across 3 Districts, Including Ranchi; Orders Issued to Boost Stockpiles Before the Monsoon.

रांची। झारखंड में लंबे समय से जारी बालू संकट के बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के रांची, बोकारो और हजारीबाग जिलों के छह बालू घाटों से शनिवार से वैध रूप से बालू उठाव शुरू होने जा रहा है। संबंधित घाटों को संचालन की जरूरी स्वीकृति मिल चुकी है और बाकी प्रशासनिक प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

मानसून से पहले अधिक भंडारण का निर्देश

खान विभाग ने सभी लीजधारकों को निर्देश दिया है कि 10 जून से लागू होने वाली रोक से पहले अधिक से अधिक बालू का भंडारण कर लिया जाए। विभाग का मानना है कि इससे बारिश के मौसम में निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होंगे और बाजार में बालू की कमी भी नहीं होगी।

रांची के दो घाटों से शुरू होगा उठाव

राजधानी रांची के श्यामनगर और चोकेसोरेंग बालू घाट से शनिवार से बालू निकासी शुरू होने की संभावना है। श्यामनगर घाट पांच हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जबकि चोकेसोरेंग घाट का क्षेत्रफल साढ़े तीन हेक्टेयर है। दोनों घाटों का संचालन एक निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा।

बोकारो और हजारीबाग में भी शुरू होगी निकासी

बोकारो जिले के पिचड़ी-दो और खेतको चलकारी बालू घाट से भी जल्द बालू उठाव शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हजारीबाग जिले के सोनपुरा और लंगाटू सिकरी सिमरा घाटों से भी उत्पादन और निकासी की तैयारी पूरी कर ली गई है।

अगले सप्ताह 17 और घाटों से शुरू हो सकता है काम

राज्य में कुल 444 बालू घाट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 290 घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार 35 घाट ऐसे हैं, जहां ग्रामसभा और अन्य जरूरी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

इनमें से 17 घाटों की लीज प्रक्रिया पूरी हो गई है और संभावना है कि अगले सप्ताह इन घाटों से भी बालू उत्पादन शुरू हो जाएगा। वहीं 13 अन्य घाटों के लिए अंतिम स्वीकृति प्रक्रिया चल रही है।

10 जून से लागू होगी मानसून रोक

हर साल की तरह इस बार भी मानसून के दौरान बालू खनन और उठाव पर रोक लागू की जाएगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देश के अनुसार 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू निकासी बंद रहेगी।

इसी को देखते हुए खान विभाग ने अगले 11 दिनों के भीतर अधिकतम बालू भंडारण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य निर्माण कार्यों पर असर न पड़े।

निर्माण कार्यों को मिलेगी राहत

राज्य में लंबे समय से बालू की कमी के कारण निजी भवन निर्माण और सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही थीं। अब बालू उठाव शुरू होने से निर्माण कार्यों में तेजी आने और कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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