बड़ी खबर: आग, राख और नोटों का रहस्य! जज के घर से जला हुआ कैश मिलने के बाद इस्तीफा… अब कौन से राज खुलेंगे?

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने भेजा इस्तीफा, पहले लगी आग और फिर सामने आया कैश कांड—जांच और महाभियोग की कार्रवाई से बढ़ी हलचल


नई दिल्ली, 10 अप्रैल। देश की न्यायिक व्यवस्था को झकझोर देने वाले घटनाक्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजा है। यह इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी और मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ था।

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले ने तब सनसनी मचा दी थी जब 14 मार्च 2025 को, जब वे दिल्ली उच्च न्यायालय में पदस्थ थे, उनके घर में अचानक आग लग गई। आग बुझाने पहुंची दमकल टीम को मौके से जला हुआ कैश बरामद हुआ, जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। इस घटना के बाद से ही मामले की गंभीरता बढ़ती चली गई और जांच की मांग तेज हो गई।

इसी बीच लोकसभा स्पीकर ने जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत एक जांच कमेटी का गठन किया। इस कार्रवाई को जस्टिस वर्मा ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद 22 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी के गठन को मंजूरी दी।

जांच कमेटी में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस अनु शिवरामन को शामिल किया गया। कमेटी को पूरे मामले की गहराई से जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अब जस्टिस वर्मा के इस्तीफे के बाद यह मामला और भी रहस्यमय हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आग में जले उस कैश के पीछे की सच्चाई क्या है? क्या जांच में कोई बड़ा खुलासा होगा या यह मामला और गहराता जाएगा—देश की नजरें अब इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हैं।

 

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