बड़ी खबर! आधी रात में मोदी सरकार का अचानक फैसला…100 दिन नहीं… अब 125 दिन की गारंटी…मनरेगा का नाम पूरी तरह बदल दिया गया…नई पहचान क्या है?
मोदी सरकार ने बदल दिया मनरेगा का नाम, बढ़ाए फायदे — जानें नई पहचान और क्या बदलेगा आपके लिए

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को रोजगार गारंटी से जुड़ी सबसे बड़ी घोषणा करते हुए मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदल दिया है। अब यह योजना “पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना” के नाम से जानी जाएगी।
कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और इसके साथ कई बड़े बदलाव भी किए गए हैं।
अब 100 नहीं, 125 दिन का रोजगार — बढ़ा फायदा
न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाले कार्यदिवसों को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है।
यानी ग्रामीण परिवारों को हर साल 25 दिन अतिरिक्त रोजगार मिलेगा।
क्या है इस योजना का मकसद?
पुराने नाम MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत ग्रामीण परिवारों को आजीविका सुरक्षा देने के लिए हर साल 100 दिन का रोजगार गारंटीड दिया जाता था।
अब नाम बदलने के साथ रोजगार के दिनों में भी वृद्धि की गई है।
मनरेगा से ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ तक की यात्रा
योजना की शुरुआत — 2005, UPA-1 सरकार
शुरुआती नाम — नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (NREGA)
2009 में नाम बदलकर — MGNREGA
2025 में मोदी सरकार ने दिया नया नाम — पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना
कितने लोग ले रहे हैं लाभ?
वर्तमान में इस योजना से
15 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं
इनमें से लगभग एक-तिहाई महिलाएं हैं
यह भारत का सबसे बड़ा ग्रामीण रोजगार मिशन माना जाता है।
नाम क्यों बदला?
सरकारी सूत्रों के अनुसार,
योजना को नई पहचान देना
“ग्रामीण विकास” को अधिक सशक्त रूप में प्रस्तुत करना
और आने वाले वर्षों में फंडिंग तथा कामों के दायरे को बढ़ाना
सरकार का मुख्य उद्देश्य बताया जा रहा है।









