IPL के बहाने बड़ा खेल: बेंगलुरु में मोबाइल चोरी गैंग का पर्दाफाश…चोरी के फोन से बढ़ता साइबर खतरा

A Major Racket Under the Guise of the IPL: Mobile Theft Gang Busted in Bengaluru—Rising Cyber ​​Threats Linked to Stolen Phones

आईपीएल 2026 के उद्घाटन मुकाबले के दौरान बेंगलुरु पुलिस ने एक संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में 7 नाबालिग और एक वयस्क संचालक को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह के तार झारखंड के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र से जुड़े हैं और यह एक लंबे समय से सक्रिय नेटवर्क का हिस्सा है।

भीड़ में ‘ट्रेनिंग’ लेकर उतरते थे नाबालिग

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद व्यवस्थित था। नाबालिगों को खासतौर पर भीड़भाड़ वाले आयोजनों में मोबाइल चोरी के लिए तैयार किया जाता था। हर बच्चे को तय टारगेट दिया जाता था और बदले में करीब 5 हजार रुपये मिलते थे। आने-जाने से लेकर रहने और खाने तक का पूरा इंतजाम गैंग ही करता था।IPL मैच बना सबसे आसान निशाना

28 मार्च को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल मैच के दौरान इस गैंग ने 29 मोबाइल फोन पर हाथ साफ किया। इनमें 14 आईफोन शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह सिर्फ स्टेडियम के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर, मेट्रो स्टेशन और आसपास की भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी सक्रिय था।

‘मुखिया’ संभाल रहा था पूरा ऑपरेशन

इस पूरे नेटवर्क को 26 वर्षीय शुभम कुमार उर्फ ‘मुखिया’ संचालित कर रहा था। वही नाबालिगों को बेंगलुरु लेकर आया और पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, बच्चों को अलग-अलग रास्तों से शहर तक पहुंचाया गया था। कुछ को फ्लाइट के जरिए पटना से लाया गया, जबकि अन्य को ट्रेन और सड़क मार्ग से भेजा गया।

2012 से सक्रिय, कई शहरों में फैला जाल

जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह साल 2012 से देश के अलग-अलग शहरों में सक्रिय है। बड़े आयोजन और भीड़भाड़ वाले इवेंट इनके प्रमुख टारगेट होते हैं। पुलिस को शक है कि आईपीएल 2025 के दौरान भी यही गैंग बेंगलुरु और चेन्नई में हुई मोबाइल चोरी की घटनाओं में शामिल था, जहां कुल 74 फोन चोरी हुए थे।

चोरी के फोन से बढ़ता साइबर खतरा

पुलिस ने आशंका जताई है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन का इस्तेमाल साइबर अपराधों में भी किया जा सकता है। यही वजह है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

दूसरे राज्यों तक जांच का दायरा बढ़ा

बेंगलुरु पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। चेन्नई में हुई घटनाओं से भी कनेक्शन जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए विशेष टीम को वहां भेजा गया है, ताकि इस इंटरस्टेट नेटवर्क की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

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