JPSC का बड़ा फैसला: JET परीक्षा की नयी तारीख आयी सामने, अब अब 26 अप्रैल को होगी, पहले 29 मार्च को ….

JPSC's big decision: New date for JET exam revealed, now scheduled for April 26, earlier scheduled for March 29.

झारखंड में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति और पीएचडी नामांकन के लिए होने वाली JET परीक्षा की तिथि बदल दी गई है। पहले 29 मार्च को प्रस्तावित परीक्षा अब 26 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। इसे लेकर जानकारी दे दी गयी है।
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रांची। झारखंड के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों से जुड़ी एक जरूरी जानकारी है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) को स्थगित कर दिया गया है।पहले यह परीक्षा 29 मार्च 2026 को आयोजित की जानी थी, लेकिन अब इसे टालते हुए नई तिथि 26 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है।

पहले 29 मार्च को होने वाली थी परीक्षा
जेएसएससी उपसचिव द्वारा सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजकर इस बदलाव की जानकारी दी गई है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कुछ अपरिहार्य कारणों के चलते परीक्षा को निर्धारित तिथि पर आयोजित करना संभव नहीं हो सका।इसी के साथ आयोग ने जिलों से नए सिरे से परीक्षा केंद्रों की सूची भी मांगी है, ताकि 26 अप्रैल को परीक्षा का आयोजन सुचारू रूप से किया जा सके।

वेबसाइट पर अब तक अपडेट नहीं
हालांकि, हैरानी की बात यह है कि आयोग ने अभी तक इस बदलाव की आधिकारिक सूचना अपनी वेबसाइट पर जारी नहीं की है।इस कारण अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई उम्मीदवारों को अब भी पुरानी तिथि को लेकर भ्रम बना हुआ है, जिससे उनकी तैयारी और योजना प्रभावित हो सकती है।

सहायक प्राध्यापक और पीएचडी दोनों के लिए अहम
यह परीक्षा राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए अर्हता निर्धारित करती है।इसके साथ ही, इस बार JET परीक्षा के माध्यम से पीएचडी में नामांकन भी होना है, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ गई है।यानी, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में सफल होंगे, उन्हें न केवल शिक्षण क्षेत्र में अवसर मिलेगा, बल्कि उच्च शिक्षा में शोध के रास्ते भी खुलेंगे।

अभ्यर्थियों के लिए राहत या परेशानी?
परीक्षा की तिथि आगे बढ़ने से जहां कुछ अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिला है, वहीं कई उम्मीदवारों के लिए यह बदलाव परेशानी का कारण भी बन सकता है।विशेष रूप से वे अभ्यर्थी, जिन्होंने अपनी तैयारी और अन्य परीक्षाओं का शेड्यूल पहले ही तय कर लिया था, अब उन्हें अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा।

पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
आयोग द्वारा वेबसाइट पर समय पर जानकारी अपडेट नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में समय पर और स्पष्ट सूचना देना बेहद जरूरी होता है, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।फिलहाल, सभी की नजर अब नई तिथि 26 अप्रैल पर टिकी हुई है।

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