झारखंड : लोहरदगा ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई…डायन बिसाही के शक में हत्या करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार
Major police action in Lohardaga triple murder case... 3 accused arrested for murder on suspicion of witchcraft

लोहरदगा ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. घटना पेशरार थानाक्षेत्र अंतर्गत केकरांग बरटोली गांव की है जहां डायन बिसाही और ओझा-गुनी के चक्कर में दंपति और उनके 9 वर्षीय बेटे की हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने मृतक की बहू सुखमनिया नगेसिया के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की थी. जिले के एसपी ने घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है.
एसआईटी ने गांव के ही 3 लोगों को हत्याकांड में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. पुलिस ने उनकी निशानदेही खून से सने कपड़े, खून लगा पत्थर, खूनी से सनी कुदाल और बैट बरामद किया है.
लोहरदगा ट्रिपल मर्डर पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
लोहरदगा ट्रिपल मर्डर केस पर झारखंड हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने इस मामले में लोहरदगा पीडीजे राजकमल मिश्रा को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.
पीडीजे राजकमल मिश्रा ने आगे लोहरदगा एसपी वेदांत शंकर के साथ मीटिंग की और पीड़ितों को त्वरित न्याय और सहायता पर चर्चा की. डालसा द्वारा गठित एक टीम ने गांव जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की थी. झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सह हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने तुरंत पीड़ित परिवार को 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया.
पड़ोसियों ने डायन बताकर परिवार को मार डाला
गौरतलब है कि बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात लोहरदगा जिला मुख्यालय से 17 किमी दूर पेशरार प्रखंड के केकरांग बरटोली गांव में एक ही परिवार के 3 लोगों की बेरहमी से धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी. मृतकों की पहचान 50 वर्षीय लक्ष्मण नगेसिया, 45 वर्षीय बिफनी नगेसिया और उनके 9 वर्षीय बेटे रामविलास नगेसिया के रूप में हुई थी.
इस दौरान हमलावरों ने लक्ष्मण नगेसिया की बहू सुखमनिया नगेसिया के कमरे का सांकल बाहर से बंद कर दिया था. सुबह उसने वारदात की जानकारी अपनी बड़ी सास को दी.
सुखमनिया नगेसिया ने बताया कि पड़ोस में ही रहने वाले कुछ परिवारों द्वारा अक्सर उनकी सास बिफनी नगेसिया पर डायन होने का आरोप लगाया जाता. उनके घर में कोई भी बीमार पड़ता तो आरोप बिफनी पर ही मढ़ दिया जाता था.
इस बात को लेकर गांव में पंचायती भी हो चुकी थी. मृतक लक्ष्मण नगेसिया के 2 और बेटे फेकू नगेसिया और गोवर्धन नगेसिया तमिलनाडु में मजदूरी करते हैं. उनको भी घटना की सूचना दी गई थी. अंधविश्वास के फेर में पूरा परिवार तबाह हो गया.









