दम लगा के हईशा’ से ‘भक्षक’ तक का सफर: भूमि पेडनेकर ने दिखाई अपनी असली ‘फायर’, करियर की दांव पर लगाकर कही ये बड़ी बात
From 'Dum Laga Ke Haisha' to 'Bhakshak': Bhumi Pednekar shows her true 'fire', says this big thing by putting her career at stake

भूमि पेडनेकर इंटरव्यू में अभिनेत्री ने अपने करियर, बचपन और जीवन के संघर्षों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अभिनय उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। हाल ही में वेब सीरीज ‘दलदल’ में नजर आईं भूमि ने ‘वुमन ऑफ इम्पैक्ट’ कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए अपनी कई अहम जिंदगी की कहानियां साझा कीं।
भूमि ने बताया कि उन्होंने केवल 12 साल की उम्र में अपने मां को साफ कहा था कि वह अभिनेत्री बनना चाहती हैं। उस समय यह सपना बहुत बड़ा था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मेहनत और सीख के जरिए उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई। आज वह दमदार और प्रभावशाली किरदारों के लिए जानी जाती हैं।
कार्यक्रम में भूमि ने स्कूल के दिनों का एक दर्दनाक अनुभव भी साझा किया। उन्हें कक्षा में एक कागज मिला, जिस पर उनके शरीर को लेकर अपमानजनक शब्द लिखे थे। उन्होंने कहा, “कम उम्र में इस तरह की छींटाकशी और बदमाशी बच्चों को डर और असुरक्षा का एहसास कराती है। यह मेरे लिए आसान नहीं था, लेकिन समय के साथ मैंने खुद को मजबूत बनाया।”
भूमि पेडनेकर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह कभी ऐसी भूमिकाओं का हिस्सा नहीं बनेंगी जो महिलाओं का अपमान करती हों। उनके लिए आत्मसम्मान और महिलाओं का सम्मान सबसे महत्वपूर्ण हैं। वह चाहती हैं कि दर्शक उन्हें केवल मजबूत और प्रभावशाली किरदारों में देखें।
भूमि पेडनेकर इंटरव्यू में यह साफ हुआ कि उनके लिए अभिनय केवल कला नहीं, बल्कि संदेश और जिम्मेदारी का माध्यम भी है। उन्होंने अपने अनुभवों से यह साबित किया कि संघर्ष और आत्मसम्मान किसी भी सफलता से कम नहीं हैं।









