कर्तव्य पथ पर पहली बार उतरेगा ‘भैरव’! 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी सेना की सबसे घातक ताकत
साइलेंट वॉच, डेडली स्ट्राइक… आधुनिक युद्ध की झलक दिखाएंगे सूर्यास्त्र, भैरव कमांडो और ड्रोन रेजिमेंट

नई दिल्ली। 26 जनवरी 2026 को होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड इस बार इतिहास रचने जा रही है। कर्तव्य पथ पर पहली बार भारतीय सेना की नवगठित ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन कदमताल करती नजर आएगी। यह सिर्फ एक परेड नहीं, बल्कि भारतीय सेना की असली ऑपरेशनल ताकत का सजीव प्रदर्शन होगा, जो दुश्मनों के लिए साफ चेतावनी मानी जा रही है।
पहली बार दिखेगा ‘सूर्यास्त्र’, दूर से ही करेगा दुश्मन का सफाया
इस भव्य परेड में पहली बार लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली रॉकेट लॉन्चर प्रणाली ‘सूर्यास्त्र’ भी प्रदर्शित की जाएगी। इसके साथ ही
जांस्कर टट्टू
बैक्ट्रियन ऊंट
भी परेड का हिस्सा होंगे, जो दुर्गम इलाकों में सेना की ताकत को दर्शाएंगे।
‘भैरव’—नाम ही काफी है!
भगवान शिव के उग्र रक्षक स्वरूप ‘भैरव’ के नाम पर गठित यह बटालियन राजपूताना राइफल्स की नवीनतम और सबसे घातक युद्धक शक्ति मानी जा रही है।
इसका मंत्र है—
“Silent Watch, Deadly Strike”
परेड में ‘भैरव’ बटालियन का फेज़्ड बैटल ऐरे (चरणबद्ध युद्ध संरचना) में प्रदर्शन होगा, जो केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक युद्ध परिस्थितियों की झलक पेश करेगा।
ड्रोन युद्ध के लिए तैयार ‘शक्तिबाण’ रेजिमेंट
इस बार एक और बड़ा सरप्राइज होगा—शक्तिबाण रेजिमेंट।
यह नवगठित रेजिमेंट
ड्रोन
ड्रोन-रोधी अत्याधुनिक उपकरणों
से लैस होगी और पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई देगी।
61वीं कैवलरी भी बदले हुए अवतार में
एक अभूतपूर्व पहल के तहत 61वीं कैवलरी के घुड़सवार सैनिक पूरी युद्ध सामग्री और स्वदेशी हथियारों से लैस होकर कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगे। यह नजारा भारतीय सेना की परंपरा और आधुनिकता के घातक संगम को दिखाएगा।
🇮🇳 6,000 जवान, एक संदेश—भारत तैयार है
दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने बताया कि इस परेड में करीब 6,000 रक्षाकर्मी शामिल होंगे। उन्होंने साफ संकेत दिया कि इस बार की परेड में कई ऐसी चीजें होंगी, जो पहले कभी नहीं देखी गईं।









