सावधान! कोरोना जैसा मौत का वायरस फिर सक्रिय…खतरा झारखंड तक पहुंचा? सरकार ने पूरे राज्य में जारी किया हाई अलर्ट….

रांची: कोरोना की दहशत अभी लोगों के ज़ेहन से पूरी तरह निकली भी नहीं थी कि एक बार फिर मौत का साया मंडराने लगा है। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संक्रमित मरीज मिलने के बाद पड़ोसी राज्य झारखंड में भी हड़कंप मच गया है। दोनों राज्यों के बीच रोज़ाना होने वाली भारी आवाजाही को देखते हुए झारखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
बंगाल से झारखंड में एंट्री का खतरा
सरकार को आशंका है कि पश्चिम बंगाल से आने-जाने वाले लोगों के जरिए यह खतरनाक वायरस झारखंड की सीमाओं में प्रवेश कर सकता है। इसी खतरे को भांपते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के निदेशक ने राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों में कहा गया है कि
अपने-अपने जिलों में कड़ी निगरानी रखें
हाल ही में बंगाल से लौटे लोगों की सेहत पर खास नजर रखी जाए
अस्पतालों को सख्त आदेश, संदिग्ध मरीज तुरंत रिपोर्ट करें
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध मरीज की सूचना तुरंत मुख्यालय को दी जाए। निपाह वायरस की गंभीरता को देखते हुए साफ किया गया है कि
सैंपल केवल प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी ही लेंगे
इलाज के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा
ये लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं
डॉक्टरों को विशेष रूप से इन लक्षणों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं—
तेज बुखार
असहनीय सिरदर्द
सांस लेने में परेशानी
मानसिक संतुलन बिगड़ना या भ्रम की स्थिति
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।
चमगादड़ों से फैलता है निपाह, ये गलती बिल्कुल न करें
स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता से खास अपील की है—
पेड़ों से गिरे या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फल न खाएं
कच्चे खजूर का रस या ताड़ी पीने से बचें
बताया गया है कि चमगादड़ों की लार के जरिए वायरस फैलने का सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं चीजों में होता है।
अफवाह नहीं, सतर्कता ही बचाव
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कहा है कि
किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें
केवल सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करें
अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता और समय पर दी गई सूचना ही इस जानलेवा बीमारी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
एक छोटी सी लापरवाही… और निपाह बन सकता है जान का दुश्मन।









