सावधान रांची : प्रीपेड स्मार्ट मीटर वालों को बड़ा झटका, जीरो बैलेंस पर तत्काल पावर कट, जानिए नियम!

Ranchi: A major setback for those with prepaid smart meters: Zero balance will result in an immediate power cut. Learn the rules!

रांची: राजधानी में प्री-पेड स्मार्ट मीटर सिस्टम लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। रांची में अब तक 3.60 लाख स्मार्ट मीटर इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 3.30 लाख मीटर को प्री-पेड मोड में सक्रिय कर दिया गया है। अक्टूबर से लागू किए गए जीरो बैलेंस नियम के बाद उपभोक्ताओं के लिए स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।

नियम के अनुसार, प्री-पेड मीटर में बैलेंस शून्य होते ही बिजली स्वतः कट जानी चाहिए और रिचार्ज के बाद तुरंत बहाल हो जानी चाहिए। लेकिन उपभोक्ताओं का अनुभव इस व्यवस्था से बिल्कुल अलग है।

बिना चेतावनी अचानक बिजली कटने से बढ़ी दिक्कतें

उपभोक्ताओं का कहना है कि जीरो बैलेंस होने पर बिजली किसी भी समय—शाम, रात या फिर शादी-विवाह जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान—अचानक कट जा रही है। इससे घरेलू कामों के साथ-साथ दुकानों और छोटे व्यवसायों की गतिविधियाँ भी प्रभावित हो रही हैं। कई परिवारों ने बताया कि अचानक बिजली जाने से बच्चे, बुजुर्ग और मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

रिचार्ज करने के बाद भी बिजली बहाल होने में घंटों लग रहे

सबसे गंभीर समस्या यह है कि ऑनलाइन रिचार्ज करने के बाद भी कनेक्शन तुरंत बहाल नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं के अनुसार—

  • कुछ को 2 घंटे तक इंतजार करना पड़ा,

  • जबकि कई ने 5 से 7 घंटे की देरी की शिकायत की है।

कई लोगों का कहना है कि ऐप और वेबसाइट पर रिचार्ज अपडेट देर से दिखता है, जिससे कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है। उपभोक्ता बार-बार कस्टमर केयर पर फोन कर रहे हैं, लेकिन समाधान समय पर नहीं मिल रहा।

“स्मार्ट मीटर का मकसद सुविधा था, लेकिन परेशानी बढ़ रही”

इन समस्याओं को कई उपभोक्ताओं ने दैनिक भास्कर के माध्यम से भी साझा किया है। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य पारदर्शिता और उपभोक्ता सुविधा था, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह व्यवस्था उल्टी साबित हो रही है। बिना नोटिस बिजली कटने और देरी से बहाली की समस्या ने शहर में असंतोष बढ़ा दिया है।

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