झारखंड में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी खेल तेज: इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर टिकी दो सीटों की किस्मत
Political Maneuvering Intensifies in Jharkhand Ahead of Rajya Sabha Elections: Fate of Two Seats Hinges on INDIA Alliance's Unity

झारखंड : रांची से राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल तेजी से गरमाता नजर आ रहा है। विधानसभा के मौजूदा समीकरणों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि दोनों सीटें इंडिया गठबंधन के खाते में जा सकती हैं, लेकिन असली चुनौती गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने की है।
गठबंधन की एकता क्यों बनी सबसे बड़ी परीक्षा
संख्या बल के हिसाब से झारखंड में इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भीतरखाने सहमति बनाना और सभी दलों को साथ लेकर चलना ही सबसे बड़ी चुनौती है।इसी वजह से कांग्रेस अब पूरी तरह सक्रिय हो गई है और लगातार रणनीतिक बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
कांग्रेस की रणनीति क्या है और क्यों बढ़ी हलचल
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू दो दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंच रहे हैं। इस दौरान उनकी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अहम मुलाकात प्रस्तावित है, जिसमें राज्यसभा सीटों के बंटवारे पर चर्चा हो सकती है।सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की कोशिश है कि एक सीट झामुमो और एक सीट कांग्रेस के खाते में आए, ताकि गठबंधन में संतुलन बना रहे।इस बैठक में तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क की मौजूदगी भी राजनीतिक महत्व को और बढ़ा रही है।
कांग्रेस आलाकमान का संदेश क्यों बना चर्चा का विषय
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक एक महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाए जाने की भी चर्चा है। पार्टी का तर्क है कि राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के लिए कांग्रेस का दावा मजबूत है और उसे एक सीट मिलनी चाहिए।इसके बाद कांग्रेस नेता राजद और वाम दलों से भी बातचीत करने की तैयारी में हैं ताकि किसी तरह का मतभेद सामने न आए।
राज्यसभा उम्मीदवारों की दौड़ क्यों हुई तेज
कांग्रेस के भीतर इस सीट को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, शहजादा अनवर और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी जैसे नाम शामिल हैं।पार्टी इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर उम्मीदवार तय करने की रणनीति पर काम कर रही है।
शहजादा अनवर की दावेदारी क्यों बनी खास चर्चा
शहजादा अनवर ने एक बार फिर राज्यसभा सीट के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर उम्मीदवार बनाए जाने की मांग की है।हालांकि पिछली बार उन्हें सफलता नहीं मिली थी, लेकिन इस बार भी वे पूरी मजबूती से अपनी दावेदारी पर अडिग हैं।
विधानसभा का गणित क्यों दे रहा है गठबंधन को बढ़त
वर्तमान विधानसभा संख्या बल के अनुसार झामुमो, कांग्रेस, राजद और वाम दलों को मिलाकर इंडिया गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत दिखाई देता है।
कुल विधायकों की संख्या इस प्रकार है
झामुमो 34
कांग्रेस 16
राजद 4
माले 2
इस गणित के आधार पर यदि गठबंधन एकजुट रहता है तो दोनों राज्यसभा सीटों पर जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
आगे क्या होगा और क्यों टिकी हैं सभी की निगाहें
अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री से होने वाली मुलाकात और गठबंधन के भीतर बनने वाली सहमति पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि सीट बंटवारे पर सहमति बनती है या फिर राजनीतिक खींचतान और बढ़ती है।









