Ayushman Card: बुजुर्गों के लिए वरदान बना ‘वय वंदन कार्ड’… इस जिले में 4 दिन में बना डाले 9 हजार आयुष्मान कार्ड!

Ayushman Card: बिहार के मधुबनी जिले में इन दिनों स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक खामोश लेकिन बड़ी क्रांति देखने को मिल रही है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान ने हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए मुफ्त इलाज का रास्ता खोल दिया है।
आंकड़े चौंकाने वाले हैं—
महज चार दिनों (16 से 20 जनवरी) में जिले में 9000 से अधिक आयुष्मान कार्ड तैयार किए जा चुके हैं।
Ayushman Card: 31 जनवरी तक ‘मिशन मोड’ में प्रशासन, एक भी पात्र व्यक्ति न छूटे
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा के नेतृत्व में यह विशेष अभियान 31 जनवरी तक लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का साफ लक्ष्य है—
जिले की हर पंचायत के अंतिम पात्र व्यक्ति तक ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा पहुंचाना।
इसके लिए प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक टीमें सक्रिय कर दी गई हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जानकारी के अभाव में कोई भी लाभ से वंचित न रहे।
70+ बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदन कार्ड’ बना जीवन रक्षक ढाल
इस अभियान की सबसे बड़ी और खास पहल है 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए ‘आयुष्मान वय वंदन कार्ड’।
इस कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि—
राशन कार्ड की कोई अनिवार्यता नहीं
सिर्फ आधार कार्ड से बन जाएगा कार्ड
आर्थिक स्थिति की कोई शर्त नहीं
मतलब, 70 साल पार कर चुके हर नागरिक को ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की गारंटी।
Ayushman Card: वसुधा (CSC) केंद्रों पर पूरी तरह मुफ्त सेवा
कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है—
हर पंचायत और गांव में वसुधा केंद्रों (CSC) पर विशेष शिविर
कोई शुल्क नहीं, ऑपरेटरों को सख्त चेतावनी
द्वार-तक सेवा, आशा कार्यकर्ता खुद लोगों को शिविर तक ला रही हैं
एक कार्ड से पूरे परिवार का इलाज? जान लें सच्चाई
लोगों में अक्सर भ्रम रहता है कि एक आयुष्मान कार्ड से पूरा परिवार इलाज करा सकता है, लेकिन नियम साफ हैं—
परिवार के हर सदस्य का अलग आयुष्मान कार्ड जरूरी
एक सदस्य के कार्ड पर दूसरा लाभ नहीं ले सकता
राशन कार्ड और आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य
Ayushman Card: कड़ी निगरानी, पल-पल की रिपोर्टिंग
अभियान को सफल बनाने के लिए मजबूत निगरानी तंत्र बनाया गया है—
जिला स्तर पर CSC मैनेजर जिम्मेदार
पंचायत स्तर पर आशा फैसिलिटेटर
प्रखंड स्तर पर अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य विभाग भी डेटा मिलान और कार्ड जनरेशन की प्रक्रिया को तेज कर रहा है।
आशा कार्यकर्ताओं को भी मिला फायदा
इस अभियान में आशा कार्यकर्ताओं को भी बड़ी राहत मिली है। सरकार के प्रावधान के तहत वे खुद भी अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकती हैं, जिससे उन्हें भी स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा।









