रातोंरात बदल गया आयुष्मान कार्ड का नियम! अब लाखों लोगों को नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज, सरकार ने कस दी नकेल
आधार ई-केवाईसी अनिवार्य, एड मेंबर का ऑप्शन खत्म—संदिग्ध कार्ड पर तुरंत इलाज भी होगा बंद

लखनऊ: आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ ले रहे लोगों के लिए सरकार ने रातोंरात बड़ा बदलाव कर दिया है। अब बिना आधार ई-केवाईसी के आयुष्मान कार्ड बनवाना नामुमकिन हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने बेनिफिशियरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (BIS-2.0) लागू कर दिया है, जिससे फर्जी और संदिग्ध कार्डधारकों पर सीधी चोट की गई है।
अब आधार ई-केवाईसी के बिना नहीं बनेगा कार्ड
नए नियम के तहत सभी नए आयुष्मान कार्ड आधार ई-केवाईसी के बाद ही जारी होंगे। सरकार का साफ संदेश है—पहचान पक्की नहीं, तो मुफ्त इलाज नहीं।
परिवार में नया सदस्य जोड़ना हुआ मुश्किल
सरकार ने आयुष्मान कार्ड में नए सदस्य जोड़ने (Add Member) के विकल्प को भी खत्म कर दिया है।
अब यह सुविधा सिर्फ SECC-2011 के तहत बचे हुए पात्र परिवारों तक सीमित रहेगी। यानी अब मनमाने तरीके से परिवार में नाम जुड़वाकर इलाज कराने का रास्ता बंद कर दिया गया है।
AI से पकड़े जाएंगे फर्जी कार्ड
स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेस (SACHIS) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि संदिग्ध आयुष्मान कार्डों की पहचान अब AI आधारित तकनीक और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर से की जा रही है।
SAFU BIS पोर्टल के जरिए जैसे ही कोई कार्ड संदिग्ध पाया जाता है, उस पर तुरंत इलाज रोक दिया जाता है।
जांच पूरी होने तक इलाज पर ब्रेक
AI सिस्टम से चिन्हित कार्डों की जांच बाद में ऑडिटर द्वारा कराई जाती है।
सही पाए जाने पर कार्ड को क्लीन चिट
गलत पाए जाने पर स्थायी कार्रवाई
61,932 कार्ड शक के घेरे में
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2018 से अब तक बने आयुष्मान कार्डों में से 61,932 कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं।
48,435 कार्डों का भौतिक सत्यापन जारी
जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (FIO) कर रहे जांच
अफसरों को दिए गए सख्त निर्देश
सभी जिलाधिकारियों (DM), मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को संदिग्ध कार्डों की सूची सौंपकर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दौरान एक कर्मचारी की भूमिका STF ने संदिग्ध पाई, जिसके बाद उसे तत्काल हटा दिया गया।
साफ संकेत—अब नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा
सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि आयुष्मान योजना में अब फर्जीवाड़े की कोई जगह नहीं है।
अगर आपका आयुष्मान कार्ड भी नियमों पर खरा नहीं उतरा, तो मुफ्त इलाज एक झटके में बंद हो सकता है।



















