झारखंड- SIT भी नहीं ढूंढ पा रही अंश और अंशिका को, आठ दिन बाद भी मासूम भाई-बहन का नहीं मिला सुराग, मां का रो-रोकर बुरा हाल
Jharkhand - Even the SIT is unable to find Ansh and Anshika; eight days later, there is still no trace of the innocent brother and sister, and their mother is inconsolable.

रांची। 2 जनवरी से लापता दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका का अब तक सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस ने एसआईटी की आठ टीमें गठित कर बिहार और उत्तर प्रदेश तक खोज अभियान तेज कर दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी स्तर से निगरानी की जा रही है और झारखंड हाईकोर्ट ने भी इस केस में संज्ञान लिया है।शुक्रवार को पुलिस के वरीय अधिकारी खुद धुर्वा पहुंचे और घटनास्थल के आसपास का निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी ली।
इस दौरान स्थानीय लोगों, दुकानदारों और बच्चों से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, जिसकी कुल आठ टीमें अलग-अलग दिशाओं में काम कर रही हैं। ये टीमें झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश तक संभावित ठिकानों पर जांच कर रही हैं।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, ढाबों और सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल की जा रही है।इस बीच, गुरुवार को झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बयान जारी कर कहा कि वह इस मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रही हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों की तलाश में कोई भी कसर न छोड़ी जाए और हर संभावित एंगल से जांच की जाए।
2 जनवरी से लापता हैं दोनों मासूम
धुर्वा निवासी अंश और उसकी छोटी बहन अंशिका 2 जनवरी से लापता हैं। दोनों के अचानक गायब होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सात दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई जानकारी सामने नहीं आई, तो परिजनों की चिंता और पीड़ा और गहरी हो गई है।
बच्चों के माता-पिता हर दिन घर के दरवाजे पर बैठकर अपने बच्चों के लौट आने की उम्मीद लगाए रहते हैं। मां की आंखें हर आहट पर दरवाजे की ओर उठ जाती हैं।
जानकारी के अनुसार, बच्चों की मां मनेर (बिहार) से करीब छह महीने पहले अपने पति के साथ रांची आई थीं। रांची आने के बाद चार महीने पहले उन्होंने धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी के आंगनबाड़ी केंद्र में दोनों बच्चों का नामांकन कराया था।
शुरुआत में बच्चों को उनके दादा आंगनबाड़ी छोड़ने जाते थे, लेकिन बाद में अंश खुद बहन अंशिका को लेकर आने-जाने लगा। अंश पहले भी आसपास की दुकानों तक अकेले आ-जा चुका था।
बिस्कुट खरीदने निकले, फिर नहीं लौटे
2 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे अंश पहली बार अपनी बहन अंशिका को साथ लेकर बिस्कुट खरीदने निकला था। वह इससे पहले भी मोहल्ले और शालीमार बाजार तक अकेले आ-जा चुका था, इसलिए परिजनों को कोई शंका नहीं हुई।
लेकिन उस दिन दोनों बच्चे घर वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उसी रात मोहल्ले, खटाल और आसपास के इलाकों में तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला।


















