अंजनी सोरेन बनेगी शिबू सोरेन की उत्तराधिकारी: …जानिये कौन है अंजनी सोरेन, जिन्हें सांसद बनाने की चल रही है बात, अंजनी के दावों में कितना है दम?
Anjani Soren will become the successor of Shibu Soren: ... Know who is Anjani Soren, who is being talked about making an MP, how much truth is there in Anjani's claims?

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव की अधिसूचना तो अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन अभी से ही झामुमो के भीतर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। शिबू सोरेन के निधन के बाद पार्टी नेता और कार्यकर्ता उनकी बेटी अंजनी सोरेन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की मांग शुरू हो गयी हैं।
Anjani Soren Biography In Hindi : रांची- झारखंड में इस साल राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इलेक्शन कमीशन ने राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं की है, लेकिन भावी प्रत्याशियों को लेकर राजनीति अभी से ही गरमा गयी है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद एक सीट रिक्त हो गई है, जबकि दूसरी सीट पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल भी इसी वर्ष समाप्त हो रहा है। ऐसे में सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष—दोनों की नजर इन सीटों पर टिकी हुई है।
शिबू सोरेन के बाद खाली हुई है सीटें
राजनीतिक परिदृश्य के बीच झामुमो के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से एक स्वर में मांग उठ रही है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की बेटी अंजनी सोरेन को राज्यसभा भेजा जाए।
पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी और आम कार्यकर्ता तक यह मानते हैं कि सोरेन परिवार का संसद में प्रतिनिधित्व झामुमो के लिए केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और वैचारिक महत्व भी रखता है।
अभी सोरेन परिवार से एक भी सांसद नहीं
आपको बता दें कि गुरुजी के निधन के बाद दशकों में यह पहला मौका है, जब सोरेन परिवार का कोई भी सदस्य लोकसभा या राज्यसभा में नहीं है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव झामुमो के लिए एक ऐसा अवसर है, जिसके माध्यम से वह अपने संस्थापक नेता की विरासत को आगे बढ़ा सकता है।
जानिये कौन है अंजनी सोरेन
अंजनी सोरेन, दिशोम गुरु शिबू सोरेन और रूपी सोरेन की पुत्री हैं। विवाह के बाद से वह ओडिशा के मयूरभंज क्षेत्र में रहकर आदिवासी समाज की आवाज उठाती रही हैं और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संगठन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
वर्ष 2019 और 2024 में झामुमो ने उन्हें ओडिशा विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, वह चुनाव जीत नहीं सकीं, लेकिन दोनों ही चुनावों में उन्हें उल्लेखनीय वोट मिले, जिसे पार्टी उनकी जनस्वीकार्यता के रूप में देख रही है।
अंजनी सोरेन लड़ चुकी है चुनाव
अंजनी सोरेन केवल गुरुजी की बेटी नहीं हैं, बल्कि संघर्ष और आंदोलन की पहचान हैं। यदि उन्हें राज्यसभा भेजा जाता है, तो इससे झामुमो कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आएगा और ओडिशा में पार्टी का विस्तार भी मजबूत होगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंजनी सोरेन के नेतृत्व में ओडिशा झामुमो का संगठन पहले से ज्यादा सशक्त हुआ है। वहीं, झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि अंजनी सोरेन राज्यसभा की हकदार हैं, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेना है।
झामुमो से दो सीटें होगी खाली
विधानसभा गणित की बात करें तो 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में सत्ताधारी इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जिससे गठबंधन के पास राज्यसभा की दोनों सीटें जीतने का मजबूत मौका है। ऐसे में अंजनी सोरेन को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें और भी तेज हो गई हैं। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले पर टिकी हुई हैं।









