देवघर: एयरपोर्ट की सुरक्षा के मामले में मुकदमा दर्ज होने पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने झारखंड के मुख्यमंत्री पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अंकिता की मदद करने से नाराज हेमंत सोरेन ने उनके, स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ गलत तरीके से एफआईआर दर्ज करवाई। हालांकि, मनोज तिवारी ने कहा कि इस मुकदमे की वजह से अंकिता को इंसाफ दिलाने की उनकी लड़ाई बंद नहीं होगी।

देवघर एयरपोर्ट की सुरक्षा को खतरे में डालने के देवघर के डीसी के आरोप को पूरी तरह से खारिज करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि वहां के स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे देवघर एयरपोर्ट के चेयरमैन है और वह स्वयं (मनोज तिवारी) नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति के सदस्य हैं और उन्होंने किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा कि देवघर एयरपोर्ट की नाइट लैंडिंग का मामला कोर्ट में चल रहा है। झारखंड सरकार ने इस संबंध में कोर्ट में एक हलफनामा दिया है जो गलत है और इस संबंध में देवघर एयरपोर्ट के चेयरमैन होने के नाते निशिकांत दुबे एयरपोर्ट मैनेजर से जानकारी लेने के लिए कुछ देर रुके थे।

देवघर के डीसी पर कानून एवं नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए तिवारी ने कहा कि रिस्ट्रिक्टेड एरिया में जाकर सीसीटीवी फुटेज कैसे निकाला जा सकता है, इस मामले में 14 साल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने इस मामले में मुकदमा दर्ज करवाने की बात कहते हुए कहा कि इस पूरे मसले पर निशिकांत दुबे विस्तार से जानकारी दे चुके हैं।

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