झारखंड : सूर्या हांसदा एनकाउंटर…हाई कोर्ट के एक आदेश ने पलटा मामला? सरकार से मांगा ‘अंदरूनी’ जवाब
Surya Hansda encounter: Did a High Court order reverse the case? Government asked for an 'internal' answer

सूर्या हांसदा एनकाउंटर केस की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार से कड़ा रुख अपनाते हुए जवाब तलब किया है। जस्टिस अंबुज नाथ की अदालत ने बताया कि राज्य सरकार अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं कर पाई है। इस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह का समय दिया है।
परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताया, मांगी CBI जांच
11 अगस्त को हुए कथित एनकाउंटर में मारे गए सूर्या हांसदा के परिजनों—पत्नी सुशीला मुर्मू और मां नीलमनी मुर्मू—ने घटना को फर्जी करार दिया है और इसकी CBI जांच की मांग की है। याचिका में राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, DGP, गोड्डा और देवघर के SP सहित अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।
गिरफ्तारी, भागने की कोशिश और पुलिस का दावा
10 अगस्त को सूर्या को देवघर के मोहनपुर थानाक्षेत्र के नवाडीह गांव से गिरफ्तार किया गया था। गोड्डा पुलिस का दावा है कि हथियार बरामदगी के दौरान सूर्या ने पुलिसकर्मी की इंसास राइफल छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हुई। परिजन इसे राजनीतिक हत्या बता रहे हैं।
सूर्या हांसदा का राजनीतिक सफर
सूर्या हांसदा कई राजनीतिक दलों से जुड़ा रहा। उसने 2009 और 2014 में बोरियो विधानसभा सीट से बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। 2019 में भाजपा ने ताला मरांडी की जगह उसे टिकट दिया। 2024 में जब भाजपा ने लोबिन हेम्ब्रम को टिकट दिया, तो सूर्या ने इस्तीफा दे दिया। इस विधानसभा चुनाव में वह जयराम महतो की झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से मैदान में उतरा।









