तेल संकट के बीच पीएम मोदी का सबसे बड़ा मिशन! 6 दिन, 5 देश और आखिरी पड़ाव पर टिकी दुनिया की नजर

तेल संकट के बीच पीएम मोदी का सबसे बड़ा मिशन! 6 दिन, 5 देश और आखिरी पड़ाव पर टिकी दुनिया की नजर
नई दिल्ली। वैश्विक तनाव और खाड़ी युद्ध के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज से अपने बेहद अहम विदेशी दौरे पर निकल चुके हैं। अगले 6 दिनों में पीएम मोदी 5 देशों की यात्रा करेंगे, लेकिन इस पूरे दौरे में सबसे ज्यादा चर्चा UAE विजिट को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि इस दौरे में ऐसे बड़े समझौते हो सकते हैं, जिनका सीधा असर भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई पर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी आज UAE के लिए रवाना हो गए। इसके बाद वह नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और आखिर में इटली का दौरा करेंगे। अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच यह यात्रा सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ी मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, खाड़ी युद्ध के कारण दुनियाभर में तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे समय में पीएम मोदी और UAE के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। माना जा रहा है कि LPG सप्लाई और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण को लेकर बड़े समझौते पर मुहर लग सकती है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi departs from Delhi as he embarks on a 5-nation visit to the United Arab Emirates (UAE), the Netherlands, Sweden, Norway, and Italy.
On the first leg of his visit, the PM will reach the UAE today, where he will meet President Sheikh Mohamed… pic.twitter.com/OuD75sCawU
— ANI (@ANI) May 15, 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और Abu Dhabi National Oil Company के बीच LPG आपूर्ति को लेकर डील संभव है। वहीं इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और ADNOC के बीच रणनीतिक तेल भंडारण को लेकर भी समझौता होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी की UAE यात्रा का मकसद सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि UAE भारत के लिए सबसे भरोसेमंद ऊर्जा साझीदारों में गिना जाता है। पिछले साल भारत को मिलने वाले कुल कच्चे तेल का करीब 11 प्रतिशत हिस्सा UAE से आया था। वहीं भारत की कुल LPG जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अकेले UAE पूरा करता है। ऐसे में दुनिया में बढ़ती उथल-पुथल के बीच पीएम मोदी का यह दौरा बेहद निर्णायक माना जा रहा है।









