PSC में बहन-भाई और पति-पत्नी की जोड़ी का कमाल : बहन बनी PSC टॉपर, तो भाई को मिली 20वीं रैंक, उधर पति-पत्नी की जोड़ी ने तीसरी-चौथी रैंक हासिल कर बन गयी डिप्टी कलेक्टर

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा परिणाम में इस बार अनूठा संयोग देखने को मिला। कहीं भाई-बहन की जोड़ी ने PSC में कमाल किया, तो वहीं पति-पत्नी की जोड़ी टॉपर बन गयी। राजधानी रायपुर की प्रज्ञा नायक जहां PSC की टॉपर रही, तो वहीं उसके भाई प्रखर की 20वीं रैंक आयी। उसी तरह से PSC की टॉपर लिस्ट में शशांक गोयल थे, तो वहीं चौथी रैंक पर कब्जा उनकी पत्नी भूमिका कटियार ने जमाया। पीएससी टॉपर प्रज्ञा के पिता शिक्षा विभाग में पदस्थ हैं। प्रज्ञा साल 2020 से तैयारी कर रही हैं और दूसरे ही प्रयास में वो PSC टॉपर बन गयी। पहली बार में प्रज्ञा प्री भी क्वालीफाइ नहीं कर पायी थी। प्रज्ञा बताती है कि पहले प्रयास की नाकामी ने उसे जुनूनी बना दिया। बंद कमरे में घंटों पढ़ना, खुद नोट्स तैयार करना। आंसर के प्रेजेंटेशन पर काम करना। सोशल मीडिया से दूरी और घर के पारिवारिक कार्यक्रमों में न जाने जैसे त्याग का नतीजा आज पूरे प्रदेश के सामने है।
बहन-भाई की जोड़ी ने किया कमाल
प्रज्ञा ने कहा कि घर पर सभी हैरान थे कि उसकी रैंक वन आई है। मैंने सरकार की वेबसाइट्स से नोट्स के लिए फैक्ट और डेटा जुटाए इसी तरह पढ़ती थी। DPR की साइट से भी काफी मदद मिली। इंटरव्यू में मेरे साथ रोचक बात हुई, वहां मुझसे कहा गया कि रूस-यूक्रेन वॉर पर कुछ लिखो। इसके अलावा छत्तीसगढ़ी बोली में बात करने का इस बोली को समझने का फायदा एग्जाम में मिला क्योंकि उससे जुड़े सवाल भी पूछे गए थे। प्रज्ञा इन दिनों रविशंकर यूनिवर्सिटी से एमए पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई कर रही हैं। प्रज्ञा बताती हैं कि ये उनका दूसरा प्रयास था, लेकिन दूसरे ही प्रयास में वो टॉपर बन जायेगी, इसका उन्हें थोड़ा भी यकीन नहीं था। वो बताती है कि उन्होंने तैयारी के दौरान किताब को ही अपनी जिंदगी बना ली थी। सिर्फ 4-5 घंटे की नींद और बाकी वक्त सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई। महज 25 साल की पज्ञा का सपना PSC तक ही थमने वाला नहीं है वो UPSC क्रैक करना चाहती है। प्रज्ञा के परिवार में दोहरी खुशी है क्योंकि उनके भाई प्रखर ने भी इस एग्जाम को क्रैक किया है। प्रखर नायक ने 20वीं रैंक हासिल किया है। प्रखर ने बताया कि NIT रायपुर से पास आउट होने के बाद सिविल सेवा की तैयारी के लिए वे दिल्ली चले गए। दो साल तक दिल्ली में रहकर तैयारी की। इसके बाद घर पर आकर खुद से पढ़ना शुरू कर दिया। दो बार सीजीपीएससी की परीक्षा दी। इसमें सफल नहीं हुए, लेकिन जो भी खामियां थी। उसे सुधारते गए। आखिरकार तीसरे प्रयास में सफलता मिल गई।
पति-पत्नी की जोड़ी बनी टॉप
बिलासपुर में सब रजिस्ट्रार के पद पदस्थ रायपुर के रहने वाले शशांक गोयल को पीएससी में तीसरी रैंक मिली है, तो वहीं पत्नी भूमिका कटियार की 4 रैंक आई है। ये जोड़ी डिप्टी कलेक्टर के लिए चयनित हुई है। भूमिका ने बताया कि मुझे मायके और ससुराल दोनों ही जगह सपोर्ट खूब मिला। मैंने मायके में रहते हुए तैयारी शुरू की और ससुराल आकर परीक्षा दी। ये मेरा दूसरा अटेम्पट था। हम डिस्कस कर लेते थे वीक का प्लान करके पढ़ते थे, जिस जो आता था वो दूसरे को बताता था। सेल्फ स्टडी करते थे।
शशांक की ये तीसरा अटेम्प्ट था। पहली बार में प्री क्लियर नहीं हुआ। दूसरी बार में 37वीं रैंक मिली और मैंने नौकरी जॉइन की। इसके साथ पढ़ाई की। हमने एक दूसरे को गाइड किया। पिछले जिन सब्जेक्ट्स में नंबर कम आए उस कमी को दूर किया। कमजोर विषयों पर फोकस करके तैयारी की। अब इनका लक्ष्य IAS बनने का है। शशांक गोयल ने NIT से इंजीनियरिंग की है और IIM रांची से एमबीए किया है।









