पटना । नेपाल की तारा एयरलाइंस के सभी यात्रियों के मारे जाने की आशंका जतायी जा रहा है। एयरलाइंस का मलबा मुस्तांग (MUSTANG)  के कोवांग में मिलने की खबर आया ही। स्थानीय लोगों का दावा है कि जोरदार धमाके के साथ कुछ भारी वस्तु गिरी है। इससे पहले रविवार की सुबह चार भारतीयों सहित 22 लोगों को लेकर उड़ा तारा एयरलाइंस (Nepal plane crash) का 19 सीटर विमान अचानक लापता हो गया था। हवा में उड़ान भरने के बाद ही उसका संपर्क टूटा और फिर कंट्रोल रूम से उसका संपर्क नहीं हो सका।

नेपाल सेना के प्रवक्ता नारायण सीलवाल के मुताबिक स्थानीय लोगों ने नेपाल सेना (Nepal Army) को जानकारी दी है कि तारा एयरलाइंस का विमान मनपथी हिमल इलाके के निचले हिस्से के लाम्चे नदी में क्रैश हुआ है। नेपाल की सेना (Nepal Tara Airline) उस जगह पर पहुंच रही है। इससे पहले नेपाल की सेना की ओर से कहा गया था कि सेना के एमआई 17 हेलीकाप्टर को मुस्तांग के लेती इलाके में भेजा गया है, जहां पहले इस विमान को क्रैश करने की जगह माना जा रहा था।

रविवार को नेपाल के बड़े शहर पोखर से उड़ान भरने के बाद तारा एयरलाइंस का छोटा विमान पहाड़ी इलाके में सुबह लापता हो गया था। तारा एयर ने जानकारी दी थी कि एयरलाइंस के ट्विन ओट्टर 9 एन एईटी विमान ने पोखरा में सुबह 10.15 बजे उड़ान भरी थी। लेकिन, 15 मिनट बाद ही उसका टावर से संपर्क टूट गया था। एयरलाइंस के अनुसास इस विमान में चार भारतीय, दो जर्मन, 13 नेपाली नागरिक यात्रा कर रहे थे। चालक में तीनों नेपाली सदस्य थे।

एयरलाइंस की ओर से बताया गया है कि विमान को जोमसोम हवाई अड्डे पर उतरना था, लेकिन पोखरा-जोमसोम हवाई मार्ग पर घोरेपानी के उपर आसमान में विमान का कंट्रोल टावर से टूट गया। बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण ये प्लेन क्रैश हुआ है। नेपानी सेना टीम बचाव के लिए मौके पर पहुंच गयी है।

जोमसोम एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने घासा में धमाके की आवाज सुनने की जानकारी दी थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पायी थी। नेपाली सेना का एक हेलीकाप्टर 10 सैनिकों और 2 कर्मचारियों को लेकर विमान की तलाश में नारशैंग मानेस्टरी नदी तट पर भेजा गया है। इसी जगह के करीब कही जा रही है।

जानकारी ये भी आ रही है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान को नेपाल टेलीकाम की ओर से विमान के पायलट कैप्टन प्रभाकर घिमिरे की सेलफोन की लोकेशन ट्रैक कर खोजा गया है। इसके लिए जीपीएस नेटवर्क का सहारा लिया गया था। खबर है कि दुर्घटना के बाद भी केप्टन का फोन बज रहा था और हेलीकाप्टर से गई टीम ने उसे ट्रैक कर लिया और फिर दुर्घटनास्थल तक पहुंच गयी। नेपाल की सेना को हवाई और जमीनी दोनों तरफ से मौके पर भेजा गया है।

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