रामगढ़ में चाल धंसने से हुई मौतों के बाद मुआवजे का ऐलान, परिजनों को 2 लाख रुपये की मदद

Jharkhand: Compensation announced after deaths due to collapse of mine in Ramgarh, Rs 2 lakh assistance to the family members

रामगढ़ जिले के करमा परियोजना के बीते शुक्रवार को करमा में खुली खदान में अवैध रूप से कोयला खनन करने के दौरान चाल धंसने से लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर करमा परियोजना के पीओ कार्यालय के गेट पर शवों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं इसकी जानकारी मिलने पर जिला प्रशासनपुलिस प्रशासन के साथ सीसीएल पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की थी. हालांकि कई दौर में चली वार्ता विफल रही थी.

प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन के द्वारा मिलेगा इतना मुआवजा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आज सुबह एक बार फिर प्रशासन और पुलिस पदाधिकारियों की उपस्थिति में सीसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणों के साथ बैठक की. जिसमें सीसीएल प्रबंधन ने सभी मृतकों के परिजनों को एक लाख, 710 हजार रुपये मुआवजा और अंचल प्रशासन के द्वारा 30 हजार रुपये मुआवजा के रूप में देने की सहमति बनी.

घायलों का इलाज करेगी CCL प्रबंधन

इसके अलावा बैठक में ग्रामीणों को यह भी आश्वासन दिया गया कि सभी घायलों का इलाज सीसीएल प्रबंधन द्वारा कराया जाएगा. इसके अलावा मृतकों के परिजन के एक-एक सदस्य को आउटसोर्सिंग में रोजगार देने की भी सहमति बनी है.इसके बाद ग्रामीणों का प्रदर्शन खत्म हुआ और कार्यालय के गेट के सामने से शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया.

गौरतलब है कि जून और पांच जून की दरमियानी रात क्षेत्र के ग्रामीण सीसीएल कुजू क्षेत्र के करमा परियोजना के खुली खादान के अंदर घुस कर अवैध रूप से कोयला का खनन कर रहे थे. इसी दौरान अवैध खनन कर रहे ग्रामीणों के ऊपर भारी भरकम चट्टान के साथ मलबा गिर गया था. जिसमें चार ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई थी और 6 ग्रामीण घायल हो गए थे. जिसके बाद ग्रामीण सीसीएल प्रबंधन से मुआवजे की मांग को लेकर तीन शवों को करमा परियोजना के पीओ कार्यालय के गेट पर रख का प्रदर्शन कर रहे थे. 18 घंटे से ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग थे.

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