झारखंड: शराब और हजारीबाग जमीन घोटाले में ACB की जांच तेज, फरार आरोपियों की तलाश जारी
Jharkhand: ACB intensifies investigation into liquor and Hazaribagh land scam, search continues for absconding accused

झारखंड में शराब घोटाला और हजारीबाग जमीन घोटाले की जांच अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने और तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, ACB को इन मामलों में कई नई जानकारियां मिली हैं, जिससे अब जांच में नई दिशा मिली है।
विनय सिंह की गिरफ्तारी और लापरवाही
ACB की टीम विनय सिंह की तलाश में दिल्ली गई थी, लेकिन कार्रवाई में कथित लापरवाही के कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस चूक का फायदा उठाकर विनय सिंह ने कोर्ट से जमानत हासिल कर ली। अब ACB ने अपने विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
छापेमारी में 198 फाइलें जब्त
ACB ने विनय सिंह के ठिकानों से 198 फाइलें जब्त की हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों से शराब घोटाले के कई राज खुलेंगे।
हजारीबाग जमीन घोटाला
जांच में पता चला है कि वर्ष 2010 में विनय सिंह ने हजारीबाग के बभनवे मौजा में करीब एक एकड़ जमीन अपने और पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम खरीदी थी। इस प्रक्रिया में कई सरकारी अधिकारी—संतोष कुमार वर्मा, राजेंद्र प्रसाद सिंह, अलका कुमारी समेत अन्य—संदेहास्पद पाए गए हैं।
शराब घोटाले में फरार आरोपियों की तलाश
ACB अब शराब घोटाले से जुड़े फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी में है। इसमें फर्जी बैंक गारंटी पर मैनपावर सप्लाई लेने वाली एजेंसियां भी शामिल हैं। 20 मई को दर्ज FIR में राज्य सरकार को 38 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
ACB अब दोनों मामलों में समानांतर कार्रवाई कर रही है ताकि राज्य के राजस्व नुकसान की भरपाई और अधिकारी-व्यवसायी गठजोड़ का पूरा खुलासा हो सके।









