झारखंड में आधी रात को ट्रक भरकर दस्तावेज ले गई ACB, बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल
ACB took away documents in a truck at midnight in Jharkhand, Babulal Marandi raised questions

रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि एसीबी (ACB) ने आधी रात को उत्पाद विभाग से ट्रक भरकर दस्तावेज गुपचुप तरीके से ले जाए। मरांडी ने इस कार्रवाई को “संदिग्ध और गुप्त” करार दिया और कहा कि यह किसी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था।
मरांडी ने सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए पूछा कि आखिर आधी रात को इतनी बड़ी मात्रा में दस्तावेज हटाने की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम कुछ राजनीतिक सरगनाओं और अधिकारियों को बचाने के लिए उठाया गया है। मरांडी का दावा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और घोटालों के सबूत मिटाने और ईडी-सीबीआई की संभावित जांच से पहले जमीन तैयार करने की कोशिश है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी सवाल खड़ा किया कि क्या किसी भी विभाग के दस्तावेज बिना फोटोकॉपी कराए और जब्ती सूची बनाए बगैर इस तरह से हटाए जा सकते हैं? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि जनता के हितों की रक्षा की जाए और साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।
मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी एसीबी कुछ फाइलें उठा चुकी है, जिसके चलते शराब दुकानों के आवंटन में समस्या आई और राज्य को संभावित राजस्व हानि का सामना करना पड़ा। उन्होंने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराए और बताए कि आखिर किसके इशारे पर यह कार्रवाई की गई।
बाबूलाल मरांडी ने चेतावनी दी कि चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न की जाए, सच्चाई एक दिन सामने आएगी और भ्रष्टाचार का पूरा खेल बेनकाब होगा।