खुशनुमा पल: पुलिस ने अंश-अंशिका को मां-पिता की बांहों में थमाया, रो पड़ी आंखें, मुख्यमंत्री का डीसी को निर्देश, परिवार को सभी तरह से करें मदद, कहा… सभी जरूरी..
Happy moment: Police handed Ansh and Anshika into the arms of their parents, tears welled up in their eyes, Chief Minister instructed the DC to help the family in every way, saying... everything is necessary.

रांची। किडनैपर के चंगुल से आजाद हुए मासूम अंश-अंशिका के परिवार को राज्य सरकार हर तरह की सुविधाएं देगी। 12 दिन पर बाद आज सुबह रामगढ़ से दोनों बच्चों की बरामदगी हुई है। रामगढ़ से बच्चों को रांची लाया गया, जहां पुलिस की मौजूदगी में बच्चों को परिजनों के सुपूर्द कर दिया गया है। 12 दिन से गोद लेने को तरस रहे मां-पिता की गोद में जैसे ही मासूम आये, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
खुशी भरे इस पल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया है। उन्होंने पुलिस के साथ मां-पिता की गोद में अंश-अंशिका की मौजूदगी को पोस्ट करते हुए लिखा है कि एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है। झारखंड पुलिस की तारीफ करते हुए, उन्होंने इस कामयाबी के लिए उन्हें बधाई दी है। वहीं रांची के डीसी को निर्देश दिया है कि जिला प्रशासन अंश और अंशिका के परिवार को सभी जरूरी सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें सूचित करें।
आपको बता दें कि झारखंड की राजधानी रांची से सामने आए इस मामले ने न सिर्फ पूरे राज्य, बल्कि समाज को भी झकझोर कर रख दिया था। 2 जनवरी को धुर्वा इलाके से लापता हुए दो मासूम भाई-बहन अंश- अंशिका आखिरकार आज सकुशल अपने परिवार के पास लौट आए हैं। बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस और जांच एजेंसियों की मेहनत की हर ओर सराहना हो रही है।
अंश- अंशिका के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। शुरुआती दिनों में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था, जिससे जांच चुनौतीपूर्ण होती जा रही थी। लेकिन इसी दौरान दूसरे राज्य में घटित इसी तरह की घटनाओं के पैटर्न को जोड़ते हुए पुलिस ने जांच की दिशा बदली और अपराधियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
जांच के दौरान यह सामने आया कि बच्चों का अपहरण एक संगठित गिरोह द्वारा किया गया है, जिसका संबंध कुख्यात बच्चा चोरी करने वाले “बुलगुलिया गिरोह” से है। पुलिस को सूचना मिली कि बच्चे रामगढ़ जिले के चितरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अहमदनगर (पहाड़ी) इलाके में छिपाकर रखे गए हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने वहां छापा मारा और दोनों बच्चों को सकुशल मुक्त कराया।
इस मामले में पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया है, जो बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बच्चों को बिहार ले जाकर बेचने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता और बढ़ते दबाव के कारण वे रामगढ़ में ही छिप गए। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह राज्य और राज्य के बाहर बच्चों की तस्करी में सक्रिय रहा है।


















