8वें वेतनमान में शिक्षक, कर्मचारी, चपरासी से लेकर अधिकारियों तक की तक कितनी बढ़ जायेगी सैलरी? यहां देखिये पूरा कैलकुलेशन

How much will the salary of teachers, employees, peons and officers increase in the 8th pay scale? See the complete calculation here

8th Pay Commission : साल 2026 में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ा इजाफा होने वाला है। जल्दn ही आयोग के सदस्यों की नियुक्ति हो जाएगी और फिर आयोग अपनी रिसर्च के हिसाब से सैलरी व पेंशन बढ़ाने पर सरकार को सुझाव और रिपोर्ट सौंप देगा। ऐसे में हर सरकारी कर्मचारी के मन में उठना शुरू हो गया है, वह है कि 8वें वेतन आयोग के लगने के बाद उनकी बेसिक सैलरी में कितना इजाफा होगा।

 

8वां वेतन आयोग लगने के बाद चपरासी से लेकर आईएएस अधिकारियों और सचिवों, मुख्ये सचिवों तक के बेसिक वेतन में बड़ा इजाफा होगा। ऐसे में अब आइए समझते हैं 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी और पेशन में कितना इजाफा हो सकता है?

 

कर्मचारियों की इतनी बढ़ जायेगी सैलरी 

वेतन मैट्रिक्स पर निगाह डालें तो 7वां वेतन आयोग लगने के बाद लेवल-1 जिसमें चपरासी, सफाईकर्मी आदि आते हैं, उनका बेसिक वेतन 18,000 रुपये हो गया था. माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग लगने के बाद यह 21,300 रुपये हो जाएगा. इसी तरह, लेवल-2 के कर्मचारियों का बेसिक वेतन 19,900 से 23,880 रुपये हो जाएगा तो लेवल-3 वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 21,700 से बढ़कर 26,040 रुपये पहुंच जाएगा. लेवल-4 वाले कर्मचारियों का मूल वेतन भी 25,500 रुपये से बढ़कर 30,600 रुपये हो जाएगा जबकि लेवल-5 वालों की बेसिक सैलरी 29,200 रुपये से 35,040 रुपये हो जाएगी. दरअसल, लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों का ग्रेड पे 1,800 से 2,800 रुपये रहता है।

 

शिक्षकों की कितनी बढ़ जायेगी सैलरी

वेतन मैट्रिक्सक के हिसाब से लेवल 6 से 9 तक के कर्मचारियों का ग्रेड पे 4,200 रुपये से 5,400 रुपये होता है. इसमें प्राथमिक और माध्यजमिक विद्यालयों के टीचर, ग्राम विकास अधिकारी जैसे कर्मचारी आते हैं. इसमें लेवल 6 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 35,400 रुपये से 42,480 रुपये होने का अनुमान है तो लेवल-7 वाले कर्मचारियों का 44,900 रुपये से बढ़कर 53,880 रुपये होने का अनुमान है. इसी तरह, लेवल-8 वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 47,600 रुपये से बढ़कर 57,120 रुपये हो जाएगी तो लेवल-9 के कर्मचारियों को 53,100 रुपये से 63,720 रुपये तक बढ़ने का फायदा मिलेगा.

 

लेवल-10 से 12 तक कितना फायदा

लेवल 10 से 12 तक के कर्मचारियों का ग्रेड पे 5,400 रुपये से 7,600 रुपये होता है. 8वां वेतन आयोग लगने के बाद लेवल 10 वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से बढ़कर 67,320 रुपये हो जाएगी, जबकि लेवल 11 वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 67,700 रुपये से बढ़कर 81,240 रुपये पहुंच जाएगी. लेवल 12 को भी फायदा होगा और मौजूदा बेसिक वेतन 78,800 रुपये से 94,560 रुपये हो जाएगा।

 

लेवल-13 और 14 को कितना मिलेगा

वेतन मैट्रिक्स के अनुसार लेवल 13 और 14 वाले कर्मचारी 8,700 से 10 हजार रुपये के ग्रेड पे में आते हैं. 8वां वेतन आयोग लगने के बाद लेवल 13 की बेसिक सैलरी 1,23,100 रुपये से बढ़कर 1,47,720 रुपये हो जाएगी जबकि लेवल 14 वाले का मूल वेतन 1,44,200 रुपये से बढ़कर 1,73,040 रुपये पहुंच जाएगा।

 

लेवल 15 से 18 तक कितनी बढ़ोतरी

अब बात करते हैं ब्यूुरोक्रेट्स की, जो लेवल 15 से 18 के बीच आते हैं. इसमें आईएएस अधिकारी, सचिव और मुख्य् सचिव शामिल हैं. लेवल 15 वाले कर्मचारी का मूल वेतन 1,82,200 रुपये से बढ़कर 2,18,400 रुपये पहुंच जाएगा तो लेवल 16 की बेसिक सैलरी 2,05,400 रुपये से 2,46,480 रुपये पहुंच जाएगी. लेवल 17 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 2,25,000 रुपये से 2,70,000 रुपये तो लेवल 18 वाले की बेसिक सैलरी 8वें वेतन आयोग के बाद 2,50,000 रुपये से 3,00,000 रुपये हो जाएगी।

 

 

7वां वेतन आयोग लागू होने पर इतनी बढ़ी थी सैलरी

साल 2016 में मोदी सरकार के कार्यकाल में 7वां वेतन आयोग का गठन किया गया था, तब बेसिक सैलरी 18000 रुपये हो गई थी. वहीं उससे पहले कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 7000 रुपये थी, जो 6वें वेतन आयोग के तहत था. 6th Pay Commission से 7th Pay Commission में आने से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में महत्वपूर्ण उछाल आई थी।

 

 

वेतन में कितनी हो सकती है बढ़ोतरी? 

 

अगर फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाया जाता है तो यह 2.57 से बढ़ाकर 2.86 किया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्तह उछाल हो सकता है.

उदाहरण- अगर फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.86 कर दिया जाए, तो मौजूदा मिनिमम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकता है. वहीं पेंशनर्स के लिए पेंशन 9000 रुपये मंथली से बढ़कर मिनिमम बेसिक पेंशन 25740 रुपये मंथली हो सकती है. बता दें सरकारी कर्मचारियों और पेंशर्स के संशोधित मूल वेतन और पेंशन को निर्धारित करने में फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका होती है.

 

7वां आयोग के तहत सैलरी कैलकुलेशन 

वर्ष: 2016

न्यूनतम वेतन: 18,000 रुपये प्रति माह

अधिकतम वेतन: 2.5 लाख रुपये प्रति माह (कैबिनेट सचिव के लिए)

फिटमेंट फैक्टर: मूल वेतन का 2.57 गुना

भत्ते: HRA और अन्य भत्तों के साथ

ग्रेच्युटी सीलिंग: 20 लाख रुपये, डीए के आधार पर आवधिक वृद्धि के प्रावधान के साथ

पेंशन: न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये प्रति माह

महंगाई भत्ता (DA): अपडेट के साथ

 

 

छठा वेतन आयोग के तहत सैलरी कैलकुलेशन

वर्ष: 2006

न्यूनतम वेतन: 7,000 रुपये प्रति माह

अधिकतम वेतन: 80,000 रुपये प्रति माह (सचिव स्तर के लिए)

फिटमेंट फैक्टर: मूल वेतन का लगभग 1.86 गुना

भत्ते: एचआरए और अन्य सर्विसेज

ग्रेच्युटी सीलिंग: 10 लाख रुपये

पेंशन: सेवानिवृत्ति की आयु के बाद अतिरिक्त पेंशन के विकल्प के साथ संशोधित

महंगाई भत्ता (DA): इंफ्लेशन इंडेक्सत के आधार पर जारी अपडेट

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