…तो छूट जाती दूल्हे की ट्रेन : ट्रेन में दूल्हे राजा हो रहे थे लेट, साथ फंसे थे 34 बाराती… फिर रेलवे ने एक मैसेज पर कर दिया ऐसा कमाल..
…then the groom would have missed the train: The groom was getting late in the train, 34 baraatis were stuck with him… then the railway did such a miracle on a message..

Train News: ….यू तो अधिकांश वक्त रेलवे को खरी खोटी ही सुनने को मिलती है, लेकिन इन सब के बीच रेलवे के अधिकारी कभी-कभार दिल भी जीत लेते हैं। ऐसा ही एक मामला दो दिन पहले देखने को मिला। सोशल मीडिया पर मिले एक मैसेज के बाद दुल्हे की शादी सही समय पर हो गयी। दरअसल पूरा मामला मुंबई का है, जहां दुल्हे को ट्रेन के जरिये सफर तय करनी थी।
दुल्हा चंदी वाघ गींताजलि एक्सप्रेस में सफर कर रहा था, उसके साथ 34 बाराती भी उसी ट्रेन में सवार थे। अब इन सभी लोगों को हावड़ा जंक्शन उतरना था और फिर वहां से सरायघाट एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी थी, यानी कि दो ट्रेनों का लंबा सफर तय होना था। लेकिन रेलवे की वहीं पुरानी बीमारी और गीतांजलि एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से चल रही थी।
चंदी वाघ को महसूस होने लगा था कि वो अपने शादी के मंडप में भी टाइम पर नहीं पहुंच पाएगा, उसका विवाह ही खतरे में पड़ने वाला था। लेकिन फिर उसने दिमाग दौड़ाया और सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर बाघ ने मंडल रेल प्रबंधक हावड़ा और सीनियर डीसीएम हावड़ा से मदद की अपील की।
दुल्हे ने रेलवे को टैग करते हुए ही एक पोस्ट शेयर कर दी। उसने सिर्फ इतना बताया कि उसकी शादी होने वाली है, उसकी वर्तमान ट्रेन काफी लेट चल रही है और उसे दूसरी ट्रेन भी पकड़नी है।
दोनों अधिकारियों ने हावड़ा स्टेशन पर अपने मातहत कर्मचारियों को आवश्यक सहायता देने का निर्देश दिया।अब सामान्य स्थिति में तो रेलवे शायद ऐसी तमाम शिकायतों पर जवाब भी नहीं देता, लेकिन चंदी वाघ की किस्मत अलग रही और उनकी एक पोस्ट ने रेलवे को पूरी फुर्ती के साथ काम करने पर मजबूर कर दिया। सबसे पहले तो गीतांजलि एक्सप्रेस के ड्राइवर को इस बात की सूचना दी गई और साफ कहा गया कि जल्द से जल्द बिना देरी के हावड़ा पहुंचा जाए।
इसके बाद रेलवे ने सरायघाट एक्सप्रेस को भी कुछ देर के लिए हावड़ा जंक्शन पर ही रुकने के लिए कह दिया था। बड़ी बात यह रही कि जब दूल्हे राजा और उनके बाराती को लेकर गीतांजलि एक्सप्रेस हावड़ा स्टेशन पर पहुंची तो रेलवे के कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर एक विशेष कॉरिडोर बनाया और बारात दल के सभी 35 लोगों को कम समय में प्लेटफार्म संख्या 21 न्यू परिसर से प्लेटफार्म संख्या 9 ओल्ड तक पहुंचाने में मदद दी।
अब बताया जा रहा है कि रेलवे की उस फुर्ती की वजह से चंदी वाघ की शादी संपन्न हो गई है, उनकी तरफ से एक शुक्रिया वाला मैसेज भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है।



















