डिलेवरी के ऑपरेशन के बाद महिला के प्राइवेट पार्ट में छोड़ दिया बैंडेज और कॉटन, शिकायत की, तो अस्पताल ने कहा, जल्दबाजी में छूटा होगा

भोपाल। डाक्टर भी कभी-कभी लापरवाही की इतहां कर देते हैं। अब मध्यप्रदेश का ही मामला देख लीजिये, जहां डिलेवरी के लिए आपरेशन के बाद डाक्टर और स्टाफ नर्स प्राइवेट पार्ट में कॉटन और बैंडेज ही भूल गये और टांका लगा दिया। इधर महिला दर्द-दर्द कहकर चिल्लाती रही, लेकिन डाक्टर उसे चुप ये कहकर कराते रहे, कि ये सब दर्द तो होता ही है। तीन दिन तक बैंडेज और कॉटन महिला के प्राइवेट पार्ट में पड़ा रहा। सरकारी अस्पताल में डाक्टर महिला की परेशानी सुनने को तैयार ही नहीं थे, जिसके बाद महिला ने निजी अस्पताल में दिखवाया, जहां डाक्टरों ने दोबारा से आपरेशन कर प्राइवेट पार्ट से बैंडेस और कॉटन को निकाला।

मामला भोपाल के कोलार सीएचसी का है। इस मामले की लिखित शिकायत सीएचसी प्रभारी डॉ. रश्मि वर्मा से की गई है। जानकारी के मुताबिक देवेंद्र सिंह, पत्नी शिखा को लेकर 17 मई की दोपहर करीब एक बजे कोलार सीएचसी में पहुंचे थे। वहां उन्होंने डॉ. आभा शुक्ला को दिखाया । नर्सिंग स्टाफ ने शिखा को जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया। कुछ देर डिलीवरी के प्रयास किए और वापस चली गईं। देवेंद्र को कहा कि शिखा को कुछ खिला दो। ऐसे में देवेंद्र खाना लेने चले गए, तभी शिखा को तेज दर्द हुआ और जनरल वार्ड में ही डिलीवरी हो गई। तब वार्ड में दूसरे मरीजों के साथ उनके अटेंडेंट भी मौजूद रहे।

शिकायत में देवेंद्र ने लिखा है कि 17 मई को डिलीवरी के बाद 19 मई को छुट्टी कर दी गई। 21 मई को टॉयलेट आना बंद हुआ तो प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां महिला का टॉयलेट निकाल दिया। अगले दिन फिर वही परेशानी हुई, तब कोलार सीएचसी गए, लेकिन स्टाफ ने कहा-डॉक्टर नहीं हैं। फिर प्राइवेट अस्पताल ले गए तो वहां अंदर से कॉटन-बैंडेज निकाला गया। अब इस मामले में पीड़ित ने कार्रवाई की मांग की है।

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