48 घंटे के बाद सेल प्रबंधन ने मानी गलती…राजेंद्र सिंह की मौजूदगी में मृतक के आश्रित को मिला नियोजन…कहा मजदूरों की एकता की जीत

बोकारो: सेल/बोकारो इस्पात संयंत्र के प्रोजेक्ट के ऑक्सीजन प्लांट विभाग मे कार्यरत ठेका मजदूर सतीश महतो का देहांत मंगलवार 8 नवंबर को कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने से हो गई थी। स्वर्गीय महतो संयंत्र मे मेसर्स सीमेंस के सब भेंडर मेसर्स आर. के. ब्रदर्स मे कार्यरत थे। दुर्घटना के वक्त स्वर्गीय महतो पायलिंग का कार्य कर रहे थे, वहीं पायलिंग का ट्राईफर्ट गिरने से स्वर्गीय महतो का मौके पर ही मौत हो गई।
स्व. महतो की मौत के बाद मेसर्स आर.के.ब्रदर्स के लोगो ने बिना प्लांट मेडिकल को जानकारी दिये स्व.महतो की बॉडी को गैरकानूनी तरीके से गाड़ी से मेन गेट से बाहर निकाला और बी.जी.एच. के आकस्मिक विभाग के बाहर शव को छोड़कर भाग खड़े हुए। वहीं दूसरी ओर बोकारो इस्पात प्रबंधन ने भी घटना पर पर्दा डालते हुए दुर्घटना को संयंत्र की दुर्घटना को मानने से साफ मना कर दिया।
इस गैर जिम्मेदाराना कारवाई को संगठन के महामंत्री राजेंद्र सिंह ने गंभीरता से लिया और प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि हम दिवंगत को इंसाफ दिलाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है। किसी भी कीमत पर मृतक के आश्रित को नियोजन दिलाया जायेगा, मृतक के आश्रित को न्याय दिलाने के लिए महामंत्री के नेतृत्व में कर्मी आंदोलनरत थे। कई दौर के वार्ता और लगभग 48 घंटे के हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार गुरुवार को प्रबंधन की जाँच कमिटी ने दुर्घटना को संयंत्र की अंदर की घटना माना। साथ ही मृतक के आश्रित को नियोजन देने के लिए राजी हुए।
मृतक को न्याय दिलाने के लिए झामुमो समेत तमाम राजनीतिक दल एकसाथ एक मंच पर नजर आए । इस मौके पर महामंत्री राजेंद्र सिंह ने सिर्फ इतना ही कहा कि यह जीत मजदूरो की एकता की जीत है, इसे किसी संगठन या राजनैतिक दल की जीत करार देना मजदूर एकता के लिए हितकर नही होगा।भविष्य में भी इसी ही एकता प्रदर्शित करनी है।







