जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री पर 4 दिनों का ‘ब्रेक’: कल से पूरे झारखंड में ठप रहेगा म्यूटेशन और रसीद का काम, जानें बड़ी वजह
4-Day 'Break' on Land and Flat Registrations: Mutation and Receipt Issuance Work to Come to a Standstill Across Jharkhand Starting Tomorrow—Find Out the Major Reason

रांची से एक अहम प्रशासनिक अपडेट सामने आया है, जहां पूरे झारखंड में जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री का काम अगले चार दिनों तक प्रभावित रहेगा। 1 मई से 4 मई तक सर्वर स्लो रहने और मेंटेनेंस कार्य के चलते निबंधन कार्यालयों और अंचल स्तर पर कई जरूरी सेवाएं बंद रहेंगी।
रजिस्ट्री, म्यूटेशन से लेकर मालगुजारी तक सब कुछ रहेगा प्रभावित
इस अवधि में जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री, म्यूटेशन, अमीन बुकिंग और ऑनलाइन मालगुजारी रसीद जैसी सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी। कारण है झारभूमि सॉफ्टवेयर का अस्थायी रूप से डाउन रहना, जिस पर राज्य का पूरा लैंड रिकॉर्ड आधारित है।
विभाग का सख्त निर्देश, ट्रांजेक्शन में न हो कोई गड़बड़ी
राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार विभाग ने सभी अवर निबंधकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि इस दौरान स्व मोटो म्यूटेशन से जुड़े किसी भी लेनदेन में गड़बड़ी न हो। विभाग ने सतर्कता बरतने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया है।
मेंटेनेंस की खबर से दफ्तरों में उमड़ी भीड़
जैसे ही यह जानकारी सामने आई, गुरुवार को निबंधन कार्यालयों में लोगों की भीड़ बढ़ गई। जिन लोगों ने पहले से प्री रजिस्ट्रेशन करा रखा था, उन्होंने जल्दबाजी में अपने दस्तावेजों का निबंधन पूरा कराया।
एक सॉफ्टवेयर पर टिकी पूरी व्यवस्था, क्यों रुक जाता है काम
दरअसल, जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री प्रक्रिया एनजीडीआरएस सर्वर के जरिए होती है, लेकिन इसमें जमीन से जुड़ी सभी जानकारी झारभूमि सॉफ्टवेयर से ही सत्यापित की जाती है। खाता, प्लॉट नंबर और रकबा की ऑनलाइन जांच के बाद ही रजिस्ट्री आगे बढ़ती है।
रजिस्ट्री पूरी होने के बाद डीड की कॉपी स्वत: अंचल कार्यालयों को भेजी जाती है, जहां से म्यूटेशन की प्रक्रिया शुरू होती है। यह पूरी व्यवस्था भी झारभूमि सॉफ्टवेयर पर निर्भर है। ऐसे में सर्वर धीमा या डाउन होते ही न सिर्फ रजिस्ट्री, बल्कि म्यूटेशन और अन्य राजस्व सेवाएं भी रुक जाती हैं।
जरूरी काम टालें नहीं, तय समय के बाद ही मिलेगी राहत
प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि 4 मई तक लोगों को इन सेवाओं के लिए इंतजार करना होगा। ऐसे में जिनके जरूरी काम लंबित हैं, उन्हें तय समय के बाद ही राहत मिल पाएगी।








