जमशेदपुर में दहशत : नदी किनारे मिला जिंदा बम, तीसरी बार सामने आया खतरनाक सच

जमशेदपुर से बड़ी खबर: स्वर्णरेखा नदी के पास फिर मिला युद्धकालीन विस्फोटक

झारखंड के जमशेदपुर के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में एक बार फिर जिंदा बम मिलने से हड़कंप मच गया है। पानीपोड़ा और नागुड़साईं इलाके में स्वर्णरेखा नदी के किनारे बुधवार देर रात यह खतरनाक विस्फोटक बरामद हुआ। पिछले एक महीने में यह तीसरी घटना है, जिससे पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

मछली पकड़ने गए ग्रामीणों को दिखा संदिग्ध लोहे का गोला
भीषण गर्मी के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। इसी दौरान मछली पकड़ने पहुंचे ग्रामीणों को रेत के बीच एक बड़ा लोहे का गोला नजर आया। पास जाकर देखने पर पता चला कि वह जिंदा बम है। यह देखते ही ग्रामीण घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने बनाया सुरक्षा घेरा, लोगों को दूर रहने की चेतावनी
सूचना मिलते ही बहरागोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को खाली कराते हुए बम के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भले ही बम पुराना है, लेकिन उसमें विस्फोट की क्षमता अभी भी हो सकती है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

पहले भी मिल चुके हैं बम, बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के मुताबिक 17 मार्च को भी इसी इलाके में एक बम मिला था, जिसे जांच के बाद अमेरिकी निर्मित बताया गया था। इसके अलावा एक अन्य स्थान से भी पहले विस्फोटक बरामद हो चुका है। लगातार मिल रहे बमों से यह आशंका मजबूत हो रही है कि जमीन के अंदर अभी और भी विस्फोटक दबे हो सकते हैं।

सेना को बुलाने की तैयारी, पहले लग चुके हैं 8 दिन
पिछली बार मिले बम को निष्क्रिय करने में सेना की टीम को करीब आठ दिन का समय लगा था। अब एक बार फिर सेना की बम निरोधक टीम को बुलाने की तैयारी की जा रही है, ताकि इस खतरे को सुरक्षित तरीके से खत्म किया जा सके।

ग्रामीणों की मांग: पूरे इलाके की हो जांच और स्कैनिंग
लगातार सामने आ रहे खतरों के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पूरे नदी किनारे की स्कैनिंग, आधुनिक उपकरणों से जांच, स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण शामिल है।

इतिहास से जुड़ा खतरा: द्वितीय विश्व युद्ध का असर
स्थानीय जानकारों का मानना है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यह इलाका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था। उसी समय के बम और विस्फोटक जमीन या नदी किनारे दबे रह गए होंगे, जो अब पानी का स्तर घटने पर बाहर आ रहे हैं।

बड़ी चेतावनी: समय रहते नहीं हुई कार्रवाई तो हो सकता है बड़ा हादसा
इस लगातार सामने आ रही घटनाओं ने साफ संकेत दिया है कि यह केवल एक अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा खतरा बन सकता है। यदि समय रहते व्यापक जांच और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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