झारखंड के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी…अब बिना किसी गारंटी के मिलेगा 15 लाख तक का लोन!

Major Change in Education Loan System in Jharkhand; Students to Receive Significant Relief

झारखंड सरकार ने उच्च शिक्षा को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत प्रस्तावित नए बदलावों से हजारों छात्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि अब शिक्षा ऋण की सीमा बढ़ाकर 15 लाख रुपये तक किए जाने की तैयारी है और इसके लिए किसी तरह की मार्जिन मनी की अनिवार्यता नहीं रहेगी।

15 लाख तक शिक्षा ऋण बिना मार्जिन मनी के प्रस्ताव

नए प्रस्ताव के अनुसार छात्रों को 15 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन बिना मार्जिन मनी जमा किए उपलब्ध कराया जाएगा। पहले 4 लाख रुपये से अधिक के लोन पर 5 प्रतिशत मार्जिन मनी बैंक में जमा करनी होती थी, जिससे कई छात्रों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता था।

इस बदलाव के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते और अधिक आसान हो जाएंगे।

अब तक 2600 छात्रों को मिला योजना का लाभ

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के लागू होने के बाद लगभग 2600 छात्रों को शिक्षा ऋण का लाभ दिया जा चुका है। हालांकि, इसके क्रियान्वयन में सामने आई व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए गाइडलाइन में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।

29 जनवरी 2026 को हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस संशोधन पर सहमति बन गई थी। अब इसे इसी वित्तीय वर्ष में लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आने का अनुमान है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता

नई व्यवस्था में पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए क्लेम और सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से सरल की जाएगी।

शैक्षणिक संस्थानों द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा।

छात्रों को मिलेंगे कई बड़े लाभ

इस संशोधित व्यवस्था से छात्रों को कई स्तर पर लाभ मिलने की संभावना है।

  • आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए उच्च शिक्षा आसान होगी
  • तकनीकी और प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश बढ़ेगा
  • अन्य राज्यों में पढ़ाई करना अधिक सुविधाजनक होगा
  • स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर मजबूत होंगे
  • पढ़ाई के दौरान किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी
  • एक से अधिक बार फीस क्लेम करने की सुविधा उपलब्ध होगी

किन संस्थानों में लागू होगा लाभ

यह योजना केवल मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित रहेगी। इसमें यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय, नालंदा विश्वविद्यालय, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय, इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के साथ-साथ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग टेक्नोलॉजी और फैशन डिजाइन जैसे प्रमुख संस्थान शामिल होंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close