झारखंड : किराया नहीं चुकाया तो जाएगी दुकान…नगर निगम का सख्त अल्टीमेटम…देखें पूरी लिस्ट
Shop to be Seized if Rent Not Paid... Municipal Corporation Issues Strict Ultimatum

रांची : में नगर निगम ने बकाया किराया नहीं देने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च तक सभी बकाया राशि जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा सख्त कार्रवाई तय है।
इसके साथ ही बड़े बकायादारों की सूची जारी होने के बाद शहर के बाजारों में हलचल तेज हो गई है।
लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।
यदि दुकानदार समय पर भुगतान नहीं करते हैं, तो झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत:
- दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाएगा
- जरूरत पड़ने पर दुकान खाली भी कराई जा सकती है
करोड़ों का बकाया, बड़े नाम उजागर
नगर निगम द्वारा जारी सूची में कई बड़े बकायादारों के नाम सामने आए हैं।
- शेड नंबर 05 में एक दुकानदार पर करीब 26 लाख से ज्यादा बकाया
- शेड नंबर 02 में लगभग 23 लाख से अधिक की देनदारी
- शेड नंबर 08 में करीब 19 लाख का बकाया
- शेड नंबर 10 में 14 लाख से अधिक की राशि लंबित
इसके अलावा अन्य व्यापारियों पर भी लाखों रुपये का किराया बकाया बताया गया है।
शहर के अन्य बाजार भी चपेट में
सिर्फ एक बाजार ही नहीं, बल्कि शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में भी बकाया की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
- मार्केट रोड वेस्ट में 20 लाख से ज्यादा का बकाया
- अन्य दुकानदारों पर 8 से 12 लाख तक की देनदारी
- मछली पट्टी और लोहा पट्टी क्षेत्रों में भी लाखों का बकाया
6.51 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी
नगर निगम के अनुसार, दुकानों से जुड़ा कुल बकाया 6.51 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। इस राशि की वसूली के लिए अब विशेष अभियान चलाया जा रहा है और अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
रविवार को भी खुला रहेगा सुविधा केंद्र
दुकानदारों को राहत देने के लिए निगम ने 29 मार्च, रविवार को भी जन सुविधा केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।
यहां व्यापारी:
- होल्डिंग टैक्स
- जलकर
- ट्रेड लाइसेंस फीस
- दुकान का किराया
आसानी से जमा कर सकेंगे।
समय रहते भुगतान की अपील
नगर निगम ने दुकानदारों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द बकाया जमा करें, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके।
बाजार में बढ़ी चिंता
निगम की सख्ती के बाद व्यापारियों के बीच चिंता का माहौल है। कई लोग भुगतान की तैयारी में जुट गए हैं, जबकि कुछ अभी भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।









