दिल दहला देने वाली वारदात..भूख से बिलखती बच्ची की चीखें बनीं खामोश..गुस्से में मां ने नाक-मुंह दबाकर रोक दी सांस…

आंध्र प्रदेश के Tirupati जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। सत्यवेदु मंडल के एनआर अग्रहारम गांव में गुरुवार सुबह एक मां ने अपनी ही छह महीने की मासूम बच्ची की जान ले ली। बच्ची सिर्फ भूख से रो रही थी, लेकिन मां का गुस्सा इस कदर हावी हो गया कि उसने उसकी सांसें ही छीन लीं।
जानकारी के मुताबिक तमिलनाडु से आए वेंकटेश और उनकी पत्नी हेमावती कुछ समय पहले काम की तलाश में यहां आकर रहने लगे थे। वेंकटेश एक ईंट भट्ठे में मजदूरी करते हैं, जबकि हेमावती घर पर बच्चों की देखभाल करती थी। उनके परिवार में एक पांच साल का बेटा और छह महीने की बेटी जोशिका थी, जिसकी मासूमियत अब हमेशा के लिए खामोश हो चुकी है।
घटना वाले दिन सुबह करीब 6:30 बजे बच्ची जोर-जोर से रो रही थी। पिता वेंकटेश ने पत्नी को जगाकर बच्ची को दूध पिलाने को कहा और फिर काम पर निकल गए। लेकिन कुछ ही देर बाद जो हुआ, उसने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। हेमावती ने खुद अपने पति को फोन कर बताया कि बच्ची के रोने से उसे गुस्सा आ गया और उसने उसकी नाक और मुंह दबाकर उसे मार डाला। यह सुनकर वेंकटेश के पैरों तले जमीन खिसक गई।
जब वह घर पहुंचे तो उनकी मासूम बेटी निर्जीव पड़ी थी। इस मंजर को देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़े और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में ले लिया और जांच शुरू कर दी है। तिरुपति से आई फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने इस घटना को बेहद क्रूर और अमानवीय बताया है। उनका कहना है कि एक मासूम बच्ची, जो सिर्फ अपनी भूख जाहिर कर रही थी, उसे इस तरह मौत के घाट उतार देना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। फिलहाल मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर किसी के मन में एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या एक मां का गुस्सा इतना खतरनाक हो सकता है कि वह अपनी ही संतान की सांसें छीन ले?









