डार्क वेब, नशीली चॉकलेट और ब्लैकमेल का जाल! इंजीनियरिंग कॉलेज की दोस्ती बनी डरावना राज

थर्ड ईयर छात्रा को कथित तौर पर ड्रग्स देकर शोषण, विरोध पर वायरल करने की धमकी… आत्महत्या के प्रयास के बाद खुला मामला

तेलंगाना के बाचुपल्ली इलाके में स्थित एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। थर्ड ईयर की एक छात्रा के साथ कथित रूप से लंबे समय तक ड्रग्स देकर यौन शोषण किए जाने का आरोप लगा है।

परिवार की शिकायत के अनुसार, आरोपी छात्र आशीष ने कथित तौर पर डार्क वेब के जरिए नशीले पदार्थ मंगाए। आरोप है कि उसने उन ड्रग्स को चॉकलेट और टैबलेट में मिलाकर छात्रा को दिया, जिससे वह बेहोश हो जाती थी। इस मामले में उसके दोस्त प्रवीण के भी शामिल होने की बात सामने आई है।

 चॉकलेट में जहर, भरोसे का फायदा

पीड़िता की मां के मुताबिक, आशीष पिछले एक साल से उनकी बेटी के संपर्क में था। आरोप है कि उसने डार्क वेब की एक साइट से ड्रग्स मंगाकर उन्हें चॉकलेट और दवाइयों में मिलाया।

शिकायत में कहा गया है कि छात्रा को कॉलेज परिसर के कमरों और आसपास के होटलों में ले जाया गया। नशे की हालत का फायदा उठाकर उसके साथ कथित शोषण किया गया।

इतना ही नहीं, बाद में आरोपी ने अपने दोस्त प्रवीण को भी इस अपराध में शामिल किया। विरोध करने पर फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। लगातार मानसिक दबाव और ब्लैकमेल के कारण छात्रा अवसाद में चली गई।

 आत्महत्या के प्रयास के बाद खुली परतें

परिवार के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया। इसके बाद जब परिजनों ने उससे बात की, तब पूरा मामला सामने आया।

पहले कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद बाचुपल्ली पुलिस स्टेशन में औपचारिक FIR दर्ज कराई गई।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 75 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है।

 डार्क वेब कनेक्शन की गहराई तक जांच

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू डार्क वेब के जरिए ड्रग्स खरीदने का है। पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि:

  • ड्रग्स कहां से मंगाए गए?

  • भुगतान किस माध्यम से किया गया?

  • क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?

अगर आरोप साबित होते हैं, तो मामला साइबर अपराध और अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से भी जुड़ सकता है।

यह घटना सिर्फ एक छात्रा के साथ कथित अपराध का मामला नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया के अंधेरे कोनों में छिपे खतरों की भी चेतावनी है। दोस्ती की आड़ में रचा गया यह जाल अब कानून के घेरे में है — लेकिन इसने समाज को झकझोर कर रख दिया है।

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