मिडिल ईस्ट, ड्रोन बोट और… समंदर के चारों ओर नाच रही मौत! अमेरिका-ईरान की जंग में अबतक मारे गए कितने भारतीय?
मिडिल ईस्ट में ‘समंदर का संग्राम’! Iran-United States टकराव के बीच ऑयल टैंकर पर धमाका, भारतीय नाविक की मौत से दहशत

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की आग अब सिर्फ आसमान या ज़मीन तक सीमित नहीं रही — अब समंदर की लहरों पर भी मौत नाचती दिख रही है। Iran और United States के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक ऑयल टैंकर पर हुए भीषण हमले में भारतीय क्रू मेंबर की मौत की खबर ने खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीय परिवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
ओमान की खाड़ी में धमाका, ‘MKD VYOM’ बना आग का गोला
सोमवार सुबह Oman की खाड़ी से गुजर रहे ऑयल टैंकर MKD VYOM पर संदिग्ध ड्रोन बोट से हमला हुआ। ओमान के न्यूज़ बुलेटिन के मुताबिक, हथियार ले जा रही ड्रोन बोट ने टैंकर को निशाना बनाया, जिससे जहाज में जोरदार विस्फोट हुआ और आग भड़क उठी।
शिप मैनेजमेंट कंपनी V.Ships Asia ने पुष्टि की कि 1 मार्च को मस्कट तट के पास जहाज किसी संदिग्ध प्रोजेक्टाइल से टकराया, जिससे इंजन रूम में मौजूद एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई।
यह खबर सामने आते ही खाड़ी देशों में बसे करीब एक करोड़ भारतीयों के परिवारों में हड़कंप मच गया।
खाड़ी देशों में ठप कामकाज, परिजनों की बढ़ी बेचैनी
Kuwait, Saudi Arabia, United Arab Emirates और Oman में हालात तनावपूर्ण हैं। दुबई, अबू धाबी, दोहा और मनामा जैसे शहरों में काम कर रहे भारतीय रोजी-रोजगार के साथ-साथ अपनी जान की चिंता में डूबे हैं।
हजारों किलोमीटर दूर भारत में बैठे उनके परिजन हर फोन कॉल पर सिहर उठते हैं। सवाल यही है — अगला निशाना कौन?
होर्मुज से मुसंदम तक धमाकों की गूंज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Strait of Hormuz और फारस की खाड़ी के आसपास लगातार दूसरे दिन धमाकों की आवाजें सुनी गईं। रविवार को भी मुसंदम पेनिनसुला के पास एक अन्य टैंकर को टक्कर मारी गई थी, जिसमें 15 भारतीय सवार थे और चार लोग घायल हुए थे। कुछ मौतों की भी आशंका जताई जा रही है।
अब तक आधिकारिक तौर पर कितने भारतीय इस संघर्ष की चपेट में आए हैं, इसका स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है।
‘मिनी ईरान’ अलीपुर में मातम
कर्नाटक के अलीपुर को ‘मिनी ईरान’ कहा जाता है। यहां ईरान से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। 1981 में यहां Ali Khamenei के आगमन की चर्चा आज भी होती है। अब खाड़ी से आई मौत की खबर ने यहां भी सन्नाटा फैला दिया है।
अब तक कितने भारतीयों की मौत?
फिलहाल ओमान की खाड़ी में हुई घटना को इस टकराव में किसी भारतीय की पहली आधिकारिक मौत माना जा रहा है। हालांकि, ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच अलग-अलग समुद्री मार्गों पर हुए हमलों में घायल और लापता भारतीयों की संख्या स्पष्ट नहीं है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समुद्री मार्ग असुरक्षित होते गए, तो सबसे ज्यादा असर उन भारतीयों पर पड़ेगा जो जहाजरानी, तेल उद्योग और बंदरगाहों में कार्यरत हैं।
क्या समंदर बनेगा अगला युद्धक्षेत्र?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी बेस पर जवाबी कार्रवाई और समुद्री मार्गों पर ड्रोन हमले इस बात का संकेत हैं कि जंग अब कई मोर्चों पर फैल चुकी है।
समंदर के चारों ओर नाचती आग और धुएं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है —
क्या ये टकराव अब हजारों भारतीयों की जिंदगी पर सीधा वार करेगा?
फिलहाल, खाड़ी की लहरें शांत दिख सकती हैं…
लेकिन उनके नीचे बारूद की गंध साफ महसूस की जा रही है।









