खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान सुलगा! कराची से PoK तक गोलियां, 35 मौतों से दहशत

शिया इलाकों में भारी तैनाती, अस्पतालों को ‘चुप’ रहने के आदेश? अमेरिकी दूतावास ने जारी की एडवाइजरी

ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद पाकिस्तान में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। Pakistan के कई शहर हिंसक प्रदर्शनों की आग में झुलस रहे हैं। कराची से लेकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) तक भड़की हिंसा में अब तक 35 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

हालांकि इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से सामने आए आंकड़े हालात की भयावह तस्वीर दिखा रहे हैं।

 कहां कितनी मौत?

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक:

  • Karachi – 16 मौतें

  • Gilgit – 7 मौतें

  • Skardu – 6 मौतें

  • Islamabad – 6 मौतें

सूत्रों का दावा है कि अधिकांश लोगों की जान झड़पों के दौरान गोली लगने से गई। बताया जा रहा है कि कई जगह सुरक्षा बलों और अमेरिकी मरीन सुरक्षा टुकड़ी की कार्रवाई के दौरान हालात और बिगड़ गए।

 पंजाब में इमरजेंसी, शिया इलाकों में भारी पुलिस बल

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Punjab सरकार ने देर रात अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी। अन्य प्रांतों ने भी हाई अलर्ट जारी किया है।

शिया बहुल इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार शांति की अपील कर रहा है, लेकिन सड़कों पर गुस्सा थमता नजर नहीं आ रहा।

 “सच छुपाया जा रहा है?” अस्पतालों को निर्देश!

सूत्रों का दावा है कि Islamabad के कुछ अस्पतालों को वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक न करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह अन्य शहरों के सरकारी और निजी अस्पतालों को भी हताहतों की जानकारी साझा करने से रोका गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि शुरुआती आंकड़े सामने आने के बाद अचानक डेटा जारी करना बंद कर दिया गया। इससे हालात और भी संदिग्ध हो गए हैं।


🇺🇸 अमेरिकी दूतावास की चेतावनी

पाकिस्तान में स्थित Embassy of the United States, Islamabad ने बयान जारी कर कहा है कि कराची और लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर प्रदर्शनों पर नजर रखी जा रही है।

दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को लोकल न्यूज पर नजर रखने, भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचने और सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह दी है। साथ ही STEP रजिस्ट्रेशन अपडेट रखने को भी कहा गया है।

 क्या पाकिस्तान में हालात और बिगड़ेंगे?

ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद शुरू हुआ यह विरोध अब पाकिस्तान के भीतर हिंसक रूप ले चुका है। सवाल यह है—क्या यह सिर्फ शुरुआत है?

सड़कें सुलग रही हैं, आंकड़े धुंधले हैं और सरकार खामोश। ऐसे में पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा और गहरा होता दिख रहा है।

क्या पाकिस्तान इस आग को काबू कर पाएगा, या हालात और भयावह मोड़ लेने वाले हैं?

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