“ये भारत है, नॉर्थ कोरिया नहीं…” — शर्टलेस प्रोटेस्ट पर पुलिस एक्शन से भड़के राहुल, PM को बताया ‘Compromised’; 11 गिरफ्तारियों के बाद सियासी तूफान

दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रोटेस्ट पर पुलिस कार्रवाई ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोलते हुए कहा— “ये इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं… शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट लोकतंत्र की आत्मा है।” राहुल के इस बयान के बाद केंद्र सरकार बनाम कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।

शिमला से दिल्ली तक: गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड

शर्टलेस प्रोटेस्ट के सिलसिले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने हिमाचल प्रदेश के शिमला से तीन और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं—सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज—को हिरासत में लिया। स्थानीय अदालत में पेशी के बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है।

“शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं” — राहुल का X पर वार

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि आज “Compromised PM” के राज में शांतिपूर्ण विरोध को सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जा रहा है।

“शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं” — राहुल का X पर वार

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि आज “Compromised PM” के राज में शांतिपूर्ण विरोध को सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जा रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा—

  • पेपर लीक से परेशान युवाओं की आवाज़ लाठियों से दबाई गई।

  • महिला पहलवानों की निष्पक्ष जांच की मांग को बदनाम किया गया।

  • इंडिया गेट पर बलात्कार पीड़िता के समर्थन में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हटाया गया।

  • US Trade Deal के विरोध को “देशविरोधी” बताकर गिरफ्तारियां की गईं।

  • किसानों और आदिवासियों के आंदोलनों पर भी कड़ी कार्रवाई हुई।

राहुल ने सवाल उठाया— “यह कैसा लोकतंत्र है, जहां सवाल पूछना खतरा माना जाए?”

AI समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट से क्यों मचा बवाल?

बताया जा रहा है कि दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने सरकार की नीतियों के विरोध में शर्टलेस प्रदर्शन किया। पुलिस ने इसे सुरक्षा उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की। इसके बाद से ही मामला राजनीतिक रंग ले चुका है।

आगे क्या?

11 गिरफ्तारियों और राहुल गांधी के तीखे बयान के बाद यह मुद्दा संसद से सड़क तक गूंज सकता है। सवाल यह है— क्या यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था का है या लोकतांत्रिक अधिकारों पर बड़ा राजनीतिक संघर्ष बनता जा रहा है?

फिलहाल, दिल्ली में सियासी तापमान बढ़ा हुआ है और दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराता है या शांत होता है— इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close