चाय बनाकर परिवार को पिलाई…फिर कमरे में चली गई… एक घंटे बाद जो मिला…उसने गांव को मातम में डुबो दिया…नोट में लिखा “पापा, मुझे पढ़ना था…”

नोट में लिखा “पापा, मुझे पढ़ना था…”

उत्तर प्रदेश के Baghpat जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। आठवीं कक्षा की करीब 15 वर्षीय छात्रा ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार ही नहीं, पूरा गांव सदमे में है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली छात्रा (परिवर्तित नाम) दोपहर करीब दो बजे घर पर थी। परिजनों के अनुसार, उसने पहले घर के सभी सदस्यों को चाय बनाकर पिलाई। इसके बाद वह यह कहकर अपने कमरे में चली गई कि उसे नींद आ रही है।

करीब एक घंटे तक जब वह बाहर नहीं आई तो परिवार को चिंता हुई। दरवाजा खोलकर देखा गया तो वह अचेत अवस्था में पड़ी थी। आनन-फानन में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने जांच शुरू की।

 जेब से मिला सुसाइड नोट, पढ़कर कांप उठे परिजन

पुलिस को छात्रा की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसमें लिखा था:

“मैंने गलती की थी, मुझे अपनी गलती का पछतावा था। मैंने माफी मांगी, पर किसी ने मेरी नहीं सुनी। मुझे पढ़ाई करनी थी, पर सबने मना कर दिया। इसलिए मैं जीना नहीं चाहती। पापा मुझे माफ कर देना।”

यह शब्द पढ़कर परिवार के लोग बेसुध हो गए। शुरुआती तौर पर परिजनों ने बुखार से मौत होने की बात कही थी, लेकिन प्रथम दृष्टया जहरीला पदार्थ निगलने की आशंका जताई गई है।

 पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, कई पहलुओं पर जांच

जांच अधिकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। सुसाइड नोट की भी फोरेंसिक जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा किन परिस्थितियों में इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर हुई।

गांव के लोगों का कहना है कि छात्रा पढ़ाई में रुचि रखती थी और आगे पढ़ना चाहती थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

यह घटना एक बार फिर समाज के सामने कई सवाल खड़े कर रही है — क्या बेटियों के सपनों को अब भी दबाया जा रहा है? क्या संवाद की कमी ने एक मासूम जिंदगी छीन ली?

(यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो नजदीकी स्वास्थ्य विशेषज्ञ या हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें। समय पर मदद जीवन बचा सकती है।)

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