झारखंड का बजट LIVE : वित्त मंत्री ने 1 लाख 58 हजार करोड़ का बजट किया पेश, राज्य सरकार के बजट से निकला सौगातों का पिटारा

Jharkhand Budget LIVE: Finance Minister presents Rs 1.58 lakh crore budget, state government budget brings a bundle of gifts

झारखंड। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन की कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का राज्य बजट सदन में पेश किया। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट का कुल आकार 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये रखा गया है।

 

बजट पेश होने से पहले प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने शिक्षा, जनहित और पर्यावरण से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए, जिन पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया।

 

स्कूलों में स्वेटर वितरण का मुद्दा

 

भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर ने सर्दी शुरू होने से पहले स्कूली बच्चों को स्वेटर उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए और 15 जिलों में स्वेटर की राशि नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं।

 

इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जवाब देते हुए कहा कि योजनाएं केंद्र और राज्य के सहयोग से संचालित होती हैं। उन्होंने बताया कि पोशाक योजना के साथ स्वेटर भी प्रदान किया जाता है, लेकिन केंद्र से समय पर राशि प्राप्त होने पर ही वितरण समय पर संभव हो पाता है।

 

सदन के स्पीकर ने संथाल परगना क्षेत्र में स्वेटर वितरण नहीं होने की बात पर चिंता जताते हुए कहा कि योजना का लाभ राज्य के हर हिस्से तक पहुंचना चाहिए।

 

RTE कानून और लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल

 

भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता की ओर से अधिकृत सदस्य नीरा यादव ने शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत क्षेत्रीय सीमा को पूर्व की तरह लागू करने और स्कूलों में नामांकन की लॉटरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का मुद्दा उठाया।

 

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्पष्ट किया कि विभाग निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत ही कार्य कर रहा है तथा सभी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है।

 

दामोदर नदी प्रदूषण पर सरकार से जवाब

 

जेडीयू विधायक सरयू राय ने दामोदर नदी में प्रदूषण के आरोपों को लेकर NTPC और Damodar Valley Corporation के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाया।

 

सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच समिति ने मामले की जांच की, जिसमें कुछ कमियां पाई गईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक दिन का जुर्माना और लगभग 7 लाख रुपये का दंड लगाया गया है। साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

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